Varanasi : वाराणसी के नाटी इमली में विश्व प्रसिद्ध भरत मिलाप के दौरान रविवार को पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज ने लोगों को आक्रोशित कर दिया है। यह घटना 480 साल पुरानी इस परंपरा के इतिहास में पहली बार हुई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लाठीचार्ज का वीडियो साझा कर योगी सरकार को घेरा और कहा कि इस परंपरा में यदुकुल और रघुकुल का मिलन होता आ रहा है लेकिन कुछ राजनीतिक ताकतें इसे तोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना भाजपा सरकार की संकीर्ण राजनीति का प्रतीक है, जो सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भगदड़ की स्थिति भाजपा के प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है, जो भाईचारे के आयोजनों को सफल नहीं होने देना चाहती।
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नाटी इमली में लाठीचार्ज के दौरान तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। लाल पगड़ीधारी यदुवंशी, महिलाएं और बच्चे भी पुलिस की कार्रवाई में चोटिल हुए। इस दौरान राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल के बेटे के साथ भी पुलिस की तीखी नोकझोक हुई। घायलों में कबीरचौरा के रामदयाल यादव, गोविंद और मैदागिन के बच्चे शामिल हैं, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।
घटना उस समय हुई जब यदुवंशी पुष्पक विमान लेकर मैदान के गेट पर पहुंचे और पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग खोली नहीं गई। श्रीचित्रकूट रामलीला समिति के प्रबंधक पं. मुकुंद उपाध्याय ने कहा कि इस प्रकार की घटना 481 वर्षों के इतिहास में कभी नहीं हुई और इसके लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय निवासियों और आयोजकों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से सांस्कृतिक आयोजनों की गरिमा को ठेस पहुंचती है और इस परंपरा को बनाए रखने की आवश्यकता है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस घटना से सबक लेगा और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए उचित कदम उठाएगा?


