Republic Day 2025 : इस बार के गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली की झांकी को एक खास स्थान मिला, जो इस बार ‘शिक्षा की गुणवत्ता’ पर आधारित थी। दिल्ली के शिक्षण संस्थानों को प्रदर्शित करती यह झांकी न केवल अपनी डिजाइन और प्रस्तुति से आकर्षक थी, बल्कि दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल को भी एक मंच प्रदान किया।
दिल्ली की झांकी को एक सरप्राइज के रूप में परेड में शामिल किया गया था। पहले इसे स्थान नहीं मिल पाया था, लेकिन आखिरी वक्त में कुल 26 झांकियों में इसे शामिल किया गया। दिल्ली की झांकी के साथ-साथ अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं।
शिक्षा झांकी
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की झांकी को 77 हजार दर्शकों के बीच पेश किया गया, और इसे देखकर सभी ने इसके सामर्थ्य और महत्व की सराहना की। शिक्षा पर आधारित इस झांकी में दिल्ली के विभिन्न शिक्षण संस्थानों की झलकियां दिखाई गईं, जो राजधानी में शिक्षा के क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती हैं।
इस अवसर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर से दिल्ली के शिक्षा मॉडल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2020 से दिल्ली की झांकी को परेड में शामिल नहीं किया जा रहा था, और केंद्र सरकार ने इसे खारिज किया था, लेकिन इस बार यह झांकी सम्मानित रूप से परेड का हिस्सा बनी।
26 झांकियों में 16 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की थीं झांकियां
दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले अपनी शिक्षा नीति को व्यापक प्रचारित किया है, और उसकी झलक इस झांकी में देखने को मिली। यह झांकी ऐसे समय में प्रस्तुत की गई थी जब कुछ ही दिनों बाद राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने वाले थे, और इसने राजनीतिक रूप से भी एक संदेश दिया।
इस बार के गणतंत्र दिवस (Republic Day 2025) पर कुल 26 झांकियों में 16 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां थीं, जबकि 10 मंत्रालयों और विभागों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं। बिहार, चंडीगढ़, दादर नगर हवेली, दमन-दीव, गोवा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और हरियाणा की झांकियां भी परेड में शामिल थीं।
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उनके साथ-साथ उन प्रदेशों के केंद्रीय मंत्री और नेता भी झांकियों का उत्साहवर्धन करते हुए नजर आए, जिनकी झांकियां इस परेड में शामिल थीं।
गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को चौकस रखते हुए कई मार्गों को बंद कर दिया गया था और कुछ मार्गों को बदला भी गया था, ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके।


