बदायूं में जूनियर डिवीजन सिविल जज ज्योत्सना राय के असामयिक निधन के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला सुरक्षा संबंधी चिंताओं की ओर ध्यान दिलाया है। प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट में उत्तर प्रदेश के बांदा की एक हालिया घटना पर प्रकाश डाला, जहां कुछ हफ्ते पहले एक महिला न्यायाधीश ने इच्छामृत्यु की मांग की थी। अब बदायूं में एक और महिला जज का शव मिलने से उनके परिवार ने जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रियंका गांधी के ट्वीट के मुताबिक, एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराध में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। हर घंटे आठ महिलाएं अपराध का शिकार बनती हैं। उत्तर प्रदेश महिलाओं के लिए पूरी तरह असुरक्षित हो गया है, सुरक्षा के तमाम बड़े-बड़े दावे विज्ञापनों तक ही सीमित रह गए हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते आंकड़े सरकार की महिला सुरक्षा को लेकर गंभीरता की कमी को दर्शाते हैं। प्रियंका गांधी इस बात पर जोर देती हैं कि महिलाओं को उत्पीड़न और हिंसा के भंवर से निकालने के लिए समाज के भीतर जागरूकता महत्वपूर्ण है।
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ये है मामला
बदायूं में शनिवार सुबह जूनियर डिवीजन सिविल जज ज्योत्सना राय (29) का शव उनके सरकारी आवास में छत से लटका मिला। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कर्मचारियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा। पुलिस को कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला। साथ ही ज्योत्सना के पिता अशोक राय ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज करायी है। अगले दिन पोस्टमार्टम किया गया और रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया।
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जांच में जुटी पुलिस
पुलिस परिवार के कहने पर हत्या के एंगल पर जांच कर रही है। ज्योत्सना राय ने मरने से पहले अपने मोबाइल फोन पर कई नंबरों पर बात की थी। पुलिस ने चल रही जांच में रिश्तेदारों और दोस्तों को पूछताछ के लिए बुलाया है। यदि गड़बड़ी का संकेत देने वाला कोई सबूत नहीं मिलता है, तो मामले को आत्महत्या की श्रेणी में रखा जाएगा। एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि परिवार के आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच के शुरुआती चरण में उनके बयानों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि हत्या के पहलू का समर्थन करने वाले साक्ष्य नहीं मिले तो मामले को आत्महत्या माना जाएगा। अधिक जानकारी के लिए पुलिस पहले परिवार से बातचीत करेगी।


