Kapil Sibal : राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सोमवार (22 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘घुसपैठियों को संपत्ति बांटने’ वाले बयान को लेकर उन पर हमला बोला। कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता सिब्बल ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री राम मंदिर का उद्घाटन करते हैं तो दूसरी तरफ नफरत फैलाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि पीएम मोदी का “सबका साथ, सबका विकास” का वादा कहां गया। सिब्बल ने आगे कहा कि पीएम मोदी के परिवार ने उनमें ऐसे संस्कार नहीं डाले होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार (21 अप्रैल) को राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस मां-बहनों की संपत्ति बांट देगी। यह उन्हें दिया जाएगा जिनके बारे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि संपत्ति पर पहला अधिकार उनका है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि संपत्ति उन लोगों को वितरित की जाएगी जिनके अधिक बच्चे हैं। आपकी मेहनत की कमाई घुसपैठियों को बांट दी जाएगी।
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‘पीएम के बयान से लाखों लोग होंगे निराश’
संपत्ति बंटवारे को लेकर प्रधानमंत्री के बयान पर टिप्पणी करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, ”कल जब प्रधानमंत्री ने ऐसा भाषण दिया तो ऐसा लग रहा है कि पहले चरण की वोटिंग के नतीजे उनके पक्ष में नहीं जा रहे हैं। उस भाषण के बाद मुझे समझ आ गया है” इस देश के लाखों लोग निराश होंगे क्योंकि 1950 के बाद शायद किसी भी प्रधानमंत्री ने ऐसा बयान नहीं दिया होगा, इससे पता चलता है कि यहां रहने वालों में घुसपैठिए भी हैं।”
“यह कैसी राजनीति और संस्कृति है?”- Kapil Siba
कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि क्या पीएम मोदी के परिवार ने भी उनमें ऐसे संस्कार नहीं डाले। उन्होंने कहा, ”नफरत के घोड़े का दूल्हा बनकर आप हिंदुस्तान को कायम नहीं रख सकते। उन्होंने सवाल किया कि यह कैसी राजनीति और संस्कृति है? एक ओर तो आप राम मंदिर का उद्घाटन करते हैं और दूसरी ओर नफरत फैलाने का काम करते हैं। आपका ‘सबका साथ, सबका विकास’ का वादा कहां है?”
PM अगर सम्मान के लायक नहीं हैं तो उठाए आवाज – Kapil Siba
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वह इससे काफी निराश हैं क्योंकि हम प्रधानमंत्री के पद का बहुत सम्मान करते हैं। लेकिन जब प्रधानमंत्री सम्मान के लायक नहीं है तो बुद्धिजीवियों को अपनी आवाज उठानी ही चाहिए। उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी चुप हैं, परन्तु मैं यह भी समझता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आरएसएस ने ये बातें नहीं सिखाई होंगी। पीएम मोदी के परिवार ने उनमें ऐसे संस्कार नहीं डाले होंगे।


