Sambhal News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मतदान के दिन (7 मई) मतदान केंद्रों पर अपनी पत्नियों की ओर से ड्यूटी करने पर तीन व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की जगह तीन पुरुष अपनी पत्नियों की जगह बैठकर मतदाता पर्ची बांटते पाए गए।
7 मई को संभल में मतदान प्रक्रिया के दौरान आचार्य मुक्तेश हकीम रईस इंटर कॉलेज और महर्षि दयानंद सरस्वती बाल विद्या मंदिर मतदान केंद्रों पर महिला बीएलओ की जगह तीन पुरुष पति ड्यूटी करते देखे गए। महर्षि दयानंद सरस्वती के पास मतदान केंद्र पर बीएलओ रेशमा के पति जिया उल हक अपनी पत्नी का पहचान पत्र गले में लटकाए हुए अपनी ड्यूटी निभाते पाए गए।
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पुलिस ने की पूछताछ
इसी तरह एक अन्य केंद्र पर बीएलओ उषा रानी के पति अनूप कुमार ड्यूटी करते पाए गए। इस बीच, आचार्य मुक्तेश हकीम रईस इंटर कॉलेज के पास बीएलओ वाजिदा तबस्सुम के पति हिफजुर्रहमान अपनी पत्नी का पहचान पत्र पहनकर उनकी ड्यूटी निभाते नजर आए।
पत्नी के बदले पति द्वारा ड्यूटी किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि वे लोग अपनी पत्नी के बदले मतदाता पर्ची बांट रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने उन लोगों को मतदान केंद्र से दूर किया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
जांच से हुआ खुलासा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी के अनुसार, 7 मई को मतदान प्रक्रिया के दौरान कुछ लोग अपनी पत्नी के पहचान पत्र पहनकर मतदाता पर्ची बांटते पाए गए। जांच में पता चला कि वे पहचान पत्र बीएलओ रेशमा, ऊषा रानी और वाजिदा तबस्सुम की पत्नियों के थे।
हालांकि, इन लोगों ने दावा किया कि उनकी पत्नियां बीमार थीं, लेकिन उनके कृत्य को गैरकानूनी माना गया। इसके बाद तीनों लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए। इस घटना से क्षेत्र में चुनावी प्रक्रिया की शुचिता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


