Kanpur Crime News : क्या हो जब एक रक्षक ही भक्षक बन जाए, कोई न सुने, आपकी शिकायत दर्ज करने के बजाए आपको ही धमका दिया जाए, कानून अंधा होने के साथ बहरा भी हो जाए। इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश के कानपूर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है।
कानपुर में एक युवती ने एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा लगातार उत्पीड़न के कारण जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। आपको बता दें कि पीड़िता का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़िता की बहन के मुताबिक, उनके पड़ोस में रहने वाला कांस्टेबल अक्सर उसकी बहन को परेशान करता था, जिसके कारण उसने यह बड़ा कदम उठाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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घटना का विवरण
यह घटना कानपुर के कोतवाली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में बाबूपुरवा बगाही इलाके में हुई। पीड़िता की बहन के मुताबिक, उनके पिता एक मजदूर हैं जो दिन में घर पर नहीं रहते हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और वह दिन में पीड़िता को घर पर अकेला छोड़कर अपने ससुराल वालों के साथ रहती है। इस स्थिति का फायदा उठाकर कांस्टेबल अंकित और उसके भाई अमन और काकू युवती को आए दिन परेशान करते थे।
पीड़िता की बहन ने बताया सच
बहन ने आरोप लगाया कि तीनों ने न केवल पीड़िता को परेशान किया बल्कि अनुचित कृत्य का प्रयास किया और बलात्कार करने की धमकी भी दी। इन धमकियों से बेहद परेशान होकर पीड़िता ने अपनी बड़ी बहन को यह बात बताई। बड़ी बहन ने बताया कि अंकित खुद को पुलिस में बताता था और अपने भाइयों के साथ मिलकर पीड़िता को लगातार परेशान करता था।
जब परिवार ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करने की कोशिश की, तो प्रभारी अधिकारी ने उन्हें कथित तौर पर धमकी दी। कार्रवाई न होने से निराश होकर वे कानपुर कमिश्नर के पास पहुंचे, लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार उत्पीड़न और कार्रवाई न करने से क्षुब्ध होकर पीड़िता ने जहर खा लिया।
मामला दर्ज
पीड़िता फिलहाल एक निजी नर्सिंग होम में इलाज करा रही है। बाबूपुरवा थाना प्रभारी अमर नाथ ने पुष्टि की कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर सिपाही और उसके भाइयों के खिलाफ उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस कमिश्नर अंकित शर्मा ने बताया कि युवती कई साल से किराए के मकान में रह रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता और उसके मकान मालिक के बीच विवाद चल रहा था, जो उससे घर खाली करने के लिए कह रहा था। मामले के इस पहलू पर भी आगे जांच की जा रही है।
यह मामला उत्पीड़न के गंभीर मुद्दे और ऐसे दुखद परिणामों को रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करता है।


