Loksabha : लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने के बाद आज अपने पहले ही संबोधन में स्पीकर ओम बिरला ने इमरजेंसी की बात करते हुए उसकी कड़े शब्दों में निंदा की। जिस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। बता दें कि विपक्ष के विरोध के बीच सदन में आपातकाल का जिक्र करते हुए ओम बिरला ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय है।
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संविधान पर हमला किया – ओम बिरला
(Loksabha ) स्पीकर ओम बिरला ने आगे कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उस समय आपातकाल लगाया था, और संविधान पर हमला किया।
ओम बिरला का कहना है कि देश में साल 1975 में इमरजेंसी लगाने के निर्णय की ये सदन कड़े शब्दों में निंदा करता है। स्पीकर ने कहा कि हम इसके साथ ही उन लोगों की संकल्पशक्ति की भी सराहना करते हैं। जिसने आपातकाल का विरोध किया। और संघर्ष करके भारत के लोकतंत्र की रक्षा में सहयोग किया।
ओम बिरला दूसरी बार बने लोकसभा अध्यक्ष
ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष चुने गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पद के लिए उनके नाम का प्रस्ताव रखा और एनडीए के सभी घटक दलों ने उनके नामांकन का समर्थन किया। इसके बाद उन्हें ध्वनिमत से चुना गया। गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कांग्रेस सांसद के. सुरेश को अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित किया था।
18वीं लोकसभा के अध्यक्ष चुने जाने के बाद भाजपा सांसद ओम बिरला ने अध्यक्ष की कुर्सी संभाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू उनके साथ मंच पर मौजूद थे।
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