Sawan 2024 : भगवान शिव और उनके भक्तों का प्रिय सावन का पावन महीना शुरू हो चुका है। आज काशी विश्वनाथ से लेकर उज्जैन महाकाल तक पूरे भारत के मंदिरों में “बम बम भोले” के जयकारे गूंज रहे हैं। इन मंदिरों में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि यह हर दिन जौ के दाने के बराबर बढ़ता है। इसके अलावा, भक्तों द्वारा अभिषेक के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लाखों लीटर पानी का क्या होता है, यह रहस्य बना हुआ है। यह मंदिर उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में स्थित है।
अनोखा नाम और इतिहास
देवकाली मंदिर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसका नाम महिला के नाम पर रखा गया है। इसे कन्नौज के राजा जयचंद ने बनवाया था, जिन्होंने इसका नाम अपनी धाय बहन देवकला के नाम पर रखा था। मूल रूप से, मंदिर में 52 कुएं थे, जिनमें से कुछ आज भी मौजूद हैं।
यमुना नदी के तट पर स्थित
औरैया में यमुना नदी के तट पर स्थित, देवकाली मंदिर में देर रात से ही शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। सुबह 4 बजे तक मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। सुबह मंदिर के पट खुलते ही “बम बम भोले” और “हर हर महादेव” के जयकारे गूंजने लगते हैं।
मध्य प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त इस ऐतिहासिक मंदिर में रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और अन्य अनुष्ठान करने और कांवड़ चढ़ाने आते हैं।
धार्मिक महत्व और प्रशासन
ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त देवकाली मंदिर में कोई मनोकामना लेकर आता है, भगवान शिव के आशीर्वाद से उसकी मनोकामना पूरी होती है। भक्तों को सुख-समृद्धि भी प्राप्त होती है। शिव भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मंदिर और मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों पर पुलिस बल तैनात है और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
औरैया का देवकाली मंदिर सावन के महीने में एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बना रहता है, जो असंख्य भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद प्रदान करता है।


