Aaj Ka Panchang : ज्योतिष में पंचांग का बहुत महत्व है। यह ज्योतिष के पांच प्रमुख तत्वों का संयोजन है: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), करण (तिथि का आधा भाग), योग (ग्रहों की स्थिति का एक विशिष्ट संयोजन), और नक्षत्र (चंद्र नक्षत्र)। पंचांग पूरे दिन शुभ और अशुभ समय निर्धारित करने में मदद करता है, विभिन्न गतिविधियों और निर्णयों का मार्गदर्शन करता है।
आज, 4 अगस्त, 2024, रविवार है। यह दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष (अंधेरे पखवाड़े) में पड़ता है, जिसमें अमावस्या (नया चंद्रमा) शाम 4:42 बजे तक रहती है। उसके बाद, प्रतिपदा (चंद्र पखवाड़े का पहला दिन) शुरू होता है। सूर्य कर्क राशि में है, और इस दिन का योग सिद्धि योग है, जो सुबह 10:38 बजे तक रहता है। उसके बाद, व्यतिपात योग प्रभावी होगा। करण नाग है जो शाम 4:43 बजे तक रहेगा, उसके बाद किस्तुघ्न है जो सुबह 5:19 बजे तक रहेगा और उसके बाद बव करण रहेगा।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 05:44 ए एम
- सूर्यास्त 07:09 पी एम
- चन्द्रोदय चन्द्रोदय नहीं
- चन्द्रास्त 07:24 पी एम
पंचांग
- तिथि अमावस्या – 04:42 पी एम तक
- नक्षत्र पुष्य – 01:26 पी एम तक
- प्रतिपदा अश्लेशा
- योग सिद्धि – 10:38 ए एम तकⓘ
- करण नाग – 04:42 पी एम तकⓘ
- व्यतीपातⓘ
- किंस्तुघ्न – 05:19 ए एम, अगस्त 05 तकⓘ
- वार रविवारⓘ
- बवⓘ
- पक्ष कृष्ण पक्ष
चन्द्र मास एवं सम्वत
- शक सम्वत 1946 क्रोधी
- चन्द्रमास श्रावण – पूर्णिमान्त
- विक्रम सम्वत 2081 पिङ्गल
- आषाढ़ – अमान्त
- गुजराती सम्वत 2080 राक्षस
- राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि कर्क
- नक्षत्र पद पुष्य – 07:02 ए एम तक
- सूर्य राशि कर्क
- पुष्य – 01:26 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र अश्लेशा
- अश्लेशा – 07:52 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र पद अश्लेशा
- अश्लेशा – 02:20 ए एम, अगस्त 05 तक
ऋतु तथा अयन
• द्रिक ऋतु वर्षा
• दिनमान 13 घण्टे 25 मिनट्स 06 सेकण्ड्स
• वैदिक ऋतु ग्रीष्म
• रात्रिमान 10 घण्टे 35 मिनट्स 27 सेकण्ड्स
• द्रिक अयन दक्षिणायण मध्याह्न 12:27 पी एम
• वैदिक अयन दक्षिणायण
Aaj Ka Panchang : शुभ समय
• ब्रह्म मुहूर्त 04:19 ए एम से 05:02 ए एम
• प्रातः सन्ध्या 04:41 ए एम से 05:44 ए एम
• अभिजित मुहूर्त 12:00 पी एम से 12:53 पी एम
• विजय मुहूर्त 02:41 पी एम से 03:34 पी एम
• गोधूलि मुहूर्त 07:09 पी एम से 07:30 पी एम
• सायाह्न सन्ध्या 07:09 पी एम से 08:13 पी एम
• अमृत काल 06:39 ए एम से 08:21 ए एम
• निशिता मुहूर्त 12:06 ए एम, अगस्त 05 से 12:48 ए एम, अगस्त 05
• रवि पुष्य योग 05:44 ए एम से 01:26 पी एम
• सर्वार्थ सिद्धि योग 05:44 ए एम से 01:26 पी एम
अशुभ समय
• राहुकाल 05:28 पी एम से 07:09 पी एम
• यमगण्ड 12:27 पी एम से 02:07 पी एम
• आडल योग 05:44 ए एम से 01:26 पी एम
• दुर्मुहूर्त 05:22 पी एम से 06:15 पी एम
• गुलिक काल 03:48 पी एम से 05:28 पी एम
• वर्ज्य 03:16 ए एम, अगस्त 05 से 04:59 ए एम, अगस्त 05
• गण्ड मूल 01:26 पी एम से 05:45 ए एम, अगस्त 05
• बाण रोग – 07:41 ए एम तक
आनन्दादि एवं तमिल योग
• आनन्दादि योग श्रीवत्स – 01:26 पी एम तक
• तमिल योग सिद्ध – 01:26 पी एम तक
• वज्र मरण
• जीवनम निर्जीव𝟢
• नेत्रम नेत्रहीन𝟢
निवास और शूल
• होमाहुति केतु – 01:26 पी एम तक☋
• दिशा शूल पश्चिम
• सूर्य☉ चन्द्र वास उत्तर
• अग्निवास पृथ्वी
• राहु वास उत्तर
• शिववास गौरी के साथ – 04:42 पी एम तक
• कुम्भ चक्र कण्ठ – 01:26 पी एम तक
• श्मशान में मुँह


