Prayagraj News : इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है, जिसमें कांग्रेस के 99 सांसदों को अयोग्य ठहराने, पार्टी के चुनाव चिन्ह को जब्त करने और पार्टी के पंजीकरण को निलंबित करने की मांग की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता भारती सिंह ने वकील ओपी सिंह और शाश्वत आनंद के माध्यम से यह जनहित याचिका दायर की है और इस पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की उम्मीद है।
कांग्रेस पर लगाया आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने गारंटी कार्ड योजना के तहत जुलाई से गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के बैंक खातों में हर महीने 8,500 रुपये जमा करने का वादा किया था। यह वादा कथित तौर पर झूठा था। याचिका में दावा किया गया है कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने वोट के बदले मासिक भुगतान के वादे के साथ मतदाताओं को लुभाया।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा हस्ताक्षरित गारंटी कार्ड और रसीद के कारण मतदाताओं को यह विश्वास हो गया कि उन्हें वोट देने के लिए पैसे मिलेंगे। चुनाव आयोग ने इस मामले को लेकर 2 मई, 2024 को एक एडवाइजरी जारी की थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने कथित तौर पर इसका पालन नहीं किया।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि कांग्रेस पार्टी की यह कार्रवाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 121(1)(ए) का स्पष्ट उल्लंघन है और यह भारतीय दंड संहिता और भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है। याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग को शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण यह जनहित याचिका (Prayagraj ) दायर की गई।


