Kolkata News : जुर्म की दास्तां सुनाने के लिए शब्दों की कमी पड़ सकती हैं लेकिन गुनहगार को शर्म नहीं, समाज के इस दौर में इंसानियत अब खतरे में हैं, आज के माहौल में लड़किया कहां तक महफूज है, अब तो ये हाल है कि महज 6 महीने की मासूम बच्ची से लेकर 80 तक की बुजुर्ग महिलाओं को भी दरिंदगी की निगाह से देखा जा रहा हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला केस कोलकाता के मेडिकल कॉलेज से सामने आया है। जहां पर एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप जैसी घिनौनी वारदात हुई है।
एक तरफ हम डॉक्टर को भगवान का दर्जा देते है, वही दूसरी और उसी भगवान के साथ ऐसी दरिंदगी कोई कैसे कर सकता है। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया और न्याय की मांग की जा रही है।
बेहोशी की हालत में मिली थी पीड़िता
पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कॉलेज के अस्थायी कर्मचारी संजय रॉय नामक एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में बेहोशी की हालत में मिली थी। अस्पताल ले जाने के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए।
मामले और जांच का विवरण पीड़िता, जो द्वितीय वर्ष की छात्रा थी, शुक्रवार, 9 अगस्त को सेमिनार हॉल में बेहोशी की हालत में मिली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़िता के माता-पिता से बात की है, जिन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम किया है और मामले की आगे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न और हत्या का संकेत मिलता है।
रिपोर्ट में गंभीर चोटों का विवरण
रिपोर्ट में गंभीर चोटों का विवरण दिया गया है, जिसमें दोनों आंखों और मुंह से खून बह रहा है, और उसके चेहरे, नाखूनों, निजी अंगों, पेट, बाएं पैर, गर्दन, दाएं हाथ और होठों पर घाव हैं। पोस्टमार्टम रिकॉर्ड किया गया, जिसमें दो महिला गवाह और पीड़िता की मां मौजूद थीं।
राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि पीड़िता के घाव स्पष्ट थे और उन्होंने सवाल उठाया कि शाम को पोस्टमार्टम क्यों किया गया। उन्होंने गहन जांच की मांग की और पोस्टमार्टम के समय की आलोचना की।
आरजी कर अस्पताल के बाहर से हो पोस्टमार्टम
कोलकाता (Kolkata) के डॉ. मानस गुमटा ने इस घटना पर अपना आश्चर्य व्यक्त किया, दावा किया कि यह अभूतपूर्व था और सुझाव दिया कि पश्चिम बंगाल प्रशासन तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रहा हो सकता है। उनकी मांग है कि पोस्टमार्टम आरजी कर अस्पताल के बाहर फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा किया जाए।
छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। आरजी कर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष ने घटना की निंदा की, दुख व्यक्त किया और त्वरित कार्रवाई की बात कही है।


