UP Politics : बुधवार को अपर्णा यादव ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष का पदभार संभाला और मीडिया के विभिन्न सवालों का जवाब दिया। इस दौरान ब्रजेश पाठक की पत्नी भी मौजूद थीं। उनके असंतोष की अफवाहों और समाजवादी पार्टी और परिवार में उनकी संभावित वापसी की अटकलों के बीच, उनके जवाबों ने नए अर्थ निकाले हैं।
जब अपर्णा यादव से पूछा गया कि क्या वह समाजवादी पार्टी में इसलिए शामिल नहीं हुईं क्योंकि अखिलेश यादव ने उन्हें हरी झंडी नहीं दी थी, तो उन्होंने जवाब दिया, “आपको यह किसने बताया? मुझे हमेशा अपने परिवार की मंजूरी मिली है। मेरा परिवार पहले भी मेरे साथ था और अब भी मेरे साथ है।” उनके बयान से यह स्पष्ट हो गया कि वह भविष्य में भी अपने परिवार के खिलाफ बोलने से बचना चाहती हैं।
मुझे जिम्मेदारी दी गई है – अपर्णा यादव
अपर्णा यादव ने पहले कभी भी अखिलेश यादव या परिवार के खिलाफ सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा है और उन्होंने एक बार फिर उसी रुख का संकेत दिया। जब उनसे उनके कथित असंतोष के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुझे जिम्मेदारी दी गई है, असंतोष नहीं, परिवार में ऐसी बातें होती रहती हैं।” इस बयान से संकेत मिलता है कि परिवार के भीतर कुछ आंतरिक चर्चाएं हुई हैं। अपर्णा यादव ने भाजपा नेतृत्व से मिले आश्वासनों की भी पुष्टि की।
उन्होंने कहा, “मैं सभी से मिली और सभी ने मुझ पर भरोसा जताया। अब हम अच्छा काम करेंगे।” इससे यह स्पष्ट हो गया कि उनके असंतोष की अटकलों के बीच भाजपा उनसे संपर्क में थी और लगातार बातचीत हो रही थी, जिसमें पार्टी ने उन्हें समर्थन का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही अपर्णा यादव को योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। हालांकि, उन्होंने तुरंत पदभार ग्रहण नहीं किया, जिससे उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों से असंतुष्ट होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
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