Gyanvapi ASI Survey : इलाहाबाद उच्च न्यायालय आज वाराणसी में विवादित ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाना के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा अपनी रिपोर्ट पेश किए जाने की उम्मीद है। याचिका में विवादित स्थल के धार्मिक चरित्र को निर्धारित करने के लिए वजूखाना का सर्वेक्षण करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ में आज दोपहर 2 बजे होगी। याचिका राखी सिंह द्वारा दायर की गई है, जो पूरे ज्ञानवापी परिसर के लिए पहले किए गए व्यापक सर्वेक्षण के समान वजूखाना का एएसआई सर्वेक्षण करने का अनुरोध करती है। सिंह का तर्क है कि विवादित क्षेत्र के धार्मिक महत्व को स्थापित करने के लिए यह सर्वेक्षण महत्वपूर्ण है।
वजूखाना पर दें ध्यान
याचिका में विशेष रूप से शिव लिंग को छोड़कर वजूखाना के हिस्सों का सर्वेक्षण करने की मांग की गई है। इस बहिष्कार के पीछे तर्क यह है कि पिछले साल उच्च न्यायालय ने शिव लिंगम के लिए कार्बन डेटिंग का आदेश दिया था, लेकिन बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने उस निर्णय पर रोक लगा दी। इस नई याचिका में सिंह शिव लिंगम से अलग, वजू खाना के शेष क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
ज्ञानवापी परिसर दो साल पहले एक शिव लिंगम की कथित खोज के बाद से विवाद के केंद्र में रहा है, जिसके कारण वजू खाना को सील कर दिया गया था। हिंदू पक्ष का दावा है कि संरचना एक शिव लिंगम है, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह एक फव्वारा है। वजू खाना को सील करने के बाद, 2023 में परिसर के शेष हिस्सों का व्यापक सर्वेक्षण किया गया, जिसमें हिंदू प्रतीकों और देवताओं की मूर्तियों का पता चला।
ये भी पढ़ें : PM Modi Russia Visit : पीएम मोदी का रूस दौरा, 16वें BRICS सम्मेलन में लेंगे भागीदारी


