Akhilesh Yadav Poster : लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नारे का जवाब देने के लिए एक नया पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर के जरिए सपा ने सीएम योगी के नारे “कटेंगे तो बंटेंगे” का पलटवार करते हुए संदेश दिया है कि “न कटेंगे, न बंटेंगे, पीडीए के संग रहेंगे”।
पोस्टर के जरिए दिया गया संदेश
यह पोस्टर महराजगंज जिले के सपा नेता अमित चौबे ने सपा कार्यालय के बाहर लगाया है। पोस्टर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सत्ताईस का सत्ताधीश बताते हुए लिखा है कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वोटबैंक सपा के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। इस संदेश से स्पष्ट किया गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी पीडीए का वोटबैंक अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को समर्थन देगा।
सपा-भाजपा कार्यालय के बाहर लगाए गए थे निषाद पार्टी के पोस्टर
इससे पहले, निषाद पार्टी ने लखनऊ में सपा, भाजपा और मुख्यमंत्री आवास समेत कई जगहों पर पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टरों में लिखा था, “सत्ताईस का नारा, निषाद है सहारा।” निषाद पार्टी के नेता बिजेंद्र कुमार त्रिपाठी द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों के जरिए पार्टी ने अपने वोटबैंक की ताकत का प्रदर्शन किया और सत्ताईस में निषाद वोटबैंक की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
निषाद पार्टी की प्रेशर पॉलिटिक्स
निषाद पार्टी की ओर से यह कदम उपचुनाव में एक भी सीट न मिलने के बाद उठाया गया है। इस प्रयास के जरिए निषाद पार्टी ने बीजेपी को संदेश देने की कोशिश की है कि निषाद समाज के समर्थन के बिना कोई भी पार्टी सत्ता तक नहीं पहुंच सकती। पार्टी ने बैनर और पोस्टरों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की है कि 2027 में बीजेपी के लिए निषाद वोटबैंक की अहमियत कितनी बढ़ जाएगी। इसे बीजेपी पर दबाव बनाने के एक रूप में देखा जा रहा है, जिसे प्रेशर पॉलिटिक्स कहा जा सकता है।
सपा और निषाद पार्टी के पोस्टरों से बढ़ी सियासी हलचल
सपा और निषाद पार्टी द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। एक ओर सपा अपने वोटबैंक को एकजुट रखने की कोशिश में लगी है, तो दूसरी ओर निषाद पार्टी अपने समाज के महत्व को बीजेपी को समझाने का प्रयास कर रही है। इन बैनरों और पोस्टरों के माध्यम से समाजवादी पार्टी और निषाद पार्टी ने आगामी चुनावी दांव-पेंच में अपनी भूमिका को स्पष्ट कर दिया है।


