Kanpur News : सीसामऊ विधानसभा उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार नसीम सोलंकी (Naseem Solanki) हाल ही में वनखंडेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके दर्शन के बाद मंदिर ट्रस्ट ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर मंदिर का शुद्धिकरण किया और कहा कि इस पवित्र स्थल का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, जिसे वे धार्मिक पवित्रता के खिलाफ मानते हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार, अन्य धर्मों के अनुयायियों को मंदिर में कोई भी अनुष्ठान करने से पहले पूर्व अनुमति लेनी चाहिए थी।
पुजारी ने दी प्रतिक्रिया
सोलंकी के मंदिर दर्शन के बाद मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवा जारी कर उनके कार्यों को इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ बताया। इस फतवे के बाद मंदिर के पुजारी ने जवाब देते हुए कहा, “अगर उनके समुदाय को आपत्ति है, तो उन्हें पहले अनुमति लेनी चाहिए थी। जिस तरह से हमारे धर्म का अपमान किया गया और मंदिर का इस्तेमाल राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए किया गया, उससे हमारे पवित्र स्थान का अपमान हुआ है।”
भाजपा ने Naseem Solanki के मंदिर दौरे की आलोचना
भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी ने सोलंकी के मंदिर दौरे की आलोचना करते हुए इसे “चुनावी नौटंकी” बताया और सुझाव दिया कि समाजवादी पार्टी के इस कदम से हिंदू मतदाता उनके पक्ष में नहीं आएंगे। मैथानी ने विश्वास जताया कि इस प्रयास के बावजूद भाजपा सीसामऊ में जीत हासिल करेगी।
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