Maharashtra Election : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अब केवल दो दिन का समय बचा है। बता दें कि राज्य में 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। आज चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है, और इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में रैलियां करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अडानी पर तीखे हमले किए।
‘एक है तो सेफ हैं’ का बताया मतलब
राहुल गांधी ने अपने भाषण में पीएम मोदी और अडानी के बीच संबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने चुनाव में नया नारा दिया है – ‘एक है तो सेफ हैं’। इसका मतलब केवल एक व्यक्ति से है।” उन्होंने अपने दावे को मजबूती देने के लिए पीएम मोदी और अडानी के पोस्टर भी दिखाए।
धारावी पुनर्विकास परियोजना पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “बीजेपी सिर्फ एक व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए धारावी की जमीन देना चाहती है। उनकी योजना यहां के लघु उद्योगों को खत्म कर, सब कुछ एक ही व्यक्ति को सौंपने की है।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के पास धारावी के विकास के लिए एक ठोस योजना है, जो वहां के लोगों और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि धारावी में बाढ़ जैसी समस्याओं को हल करना उनकी प्राथमिकता होगी।
रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा
रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी ने बीजेपी और महायुती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “बीजेपी का ध्यान चुनावी मुद्दों से भटकाने पर है। वो आरोप लगाते हैं कि महाविकास अघाड़ी सरकार के समय परियोजनाएं बाहर गईं, लेकिन उनके शासन में महाराष्ट्र से 7 बड़े प्रोजेक्ट उठकर गुजरात चले गए।”
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और नौकरियों के मुद्दे पर बात नहीं करना चाहती। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के युवाओं से इन मुद्दों पर गंभीरता से सोचने की अपील की।
महाराष्ट्र के रोजगार और विकास पर फोकस
राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार महाराष्ट्र के लोगों से उनका रोजगार छीन रही है और राज्य के विकास को रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर इन मुद्दों पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा।
गरमाया चुनावी माहौल
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन राहुल गांधी के तीखे बयान ने महाराष्ट्र के चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। अब देखना होगा कि 20 नवंबर को होने वाले मतदान में जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।


