Pollution News : दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को प्रदूषण के गंभीर मुद्दे पर बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदार ठहराया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर भारत में गंभीर वायु प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है, लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे पर निष्क्रिय बनी हुई है।
“केंद्र सरकार सो रही है, बीजेपी भाग रही है”
गोपाल राय ने कहा, “उत्तर भारत के अधिकांश हिस्से गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं। लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं, लेकिन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री कुंभकरण की नींद में सोए हुए हैं। ऐसा लगता है जैसे वह गायब हो गए हैं। केंद्र सरकार और बीजेपी ने प्रदूषण के मुद्दे पर मौन व्रत धारण कर लिया है और अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है।”
“बीएस-4 बसों पर कार्रवाई क्यों नहीं?”
मंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “दिल्ली के आसपास के राज्यों में अभी भी बीएस-4 मानक वाली बसें चलाई जा रही हैं, जो प्रदूषण को बढ़ावा दे रही हैं। केंद्र सरकार इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। आज की स्थिति को देखते हुए तुरंत सभी राज्यों की बैठक बुलाकर सख्त निर्देश जारी किए जाने चाहिए। केंद्र सरकार यह भी बताए कि दूसरे राज्यों में प्रदूषण से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने अब तक किसी बैठक का आह्वान नहीं किया है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
“GRAP-4 के सख्त दिए निर्देश”
गोपाल राय ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-4 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, “कृत्रिम बारिश के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है।”
“स्कूलों के लिए मास्क अनिवार्य”
दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए गोपाल राय ने कहा, “दिल्ली के स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं। हालांकि, 10वीं और 12वीं की कक्षाएं जारी हैं। इन छात्रों के लिए मास्क अनिवार्य किया गया है और स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि हर बच्चा मास्क पहनकर आए।”
केंद्र पर सख्त कार्रवाई की मांग
गोपाल राय ने अंत में कहा कि केंद्र सरकार को प्रदूषण से निपटने के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सभी राज्यों की बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।


