Pollution News : दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से लोग परेशान हैं और प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने भारी बजट आवंटित किया है। हालांकि, नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस बजट का अधिकांश हिस्सा अभी भी खर्च नहीं किया गया है। यह खुलासा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने आरटीआई के जवाब में किया है, जिसमें यह बताया गया कि तीन सालों में केंद्र सरकार ने नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुल 30 करोड़ 89 लाख रुपये दिए थे, लेकिन अब तक महज 3 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
केंद्र सरकार द्वारा आवंटित बजट और खर्च
आरटीआई के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण को प्रदूषण के समाधान के लिए दिए गए इस भारी बजट का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा अभी भी बचा हुआ है। इसमें से 3 करोड़ 44 लाख रुपये का उपयोग करते हुए प्राधिकरण ने चार मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें और एंटी स्मॉग गन खरीदी हैं। बाकी रकम का खर्च अब तक नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार
दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के कारण हालात काफी खराब हो गए हैं। बच्चों के स्कूल बंद कर दिए गए हैं और कई कंपनियों ने कर्मचारियों को स्वास्थ्य कारणों से ऑफिस आने के बजाय वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी है। इस गंभीर स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगाई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रदूषण की समस्या का समाधान अब तक नहीं निकला है।
प्रदूषण में थोड़ी राहत
हालांकि, पिछले दो दिनों से नोएडा में प्रदूषण में थोड़ी राहत देखने को मिली है। (Pollution News) सोमवार को यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब श्रेणी में 243 दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों तक हवा की गति तेज रहेगी, जिससे प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के डेटा के मुताबिक, फिलहाल हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर पहले से कम हुआ है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है।
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