Sambhal News : संभल में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के पास पुलिस की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान एक प्राचीन मंदिर का खुलासा हुआ है। यह मंदिर 46 साल से बंद पड़ा था और अब इसकी सफाई की जा रही है, साथ ही पूजा-पाठ भी शुरू कर दिया गया है। यह मंदिर मुस्लिम आबादी वाली संकरी गलियों में स्थित था और यहां हनुमान जी की प्रतिमा, शिवलिंग और नंदी की मूर्तियां स्थापित हैं।
1978 के दंगों के बाद मंदिर हुआ था बंद
मंदिर की प्राचीनता को लेकर स्थानीय लोग बताते हैं कि यह मंदिर पहले इलाके के हिंदू परिवारों द्वारा पूजा स्थल के रूप में उपयोग किया जाता था। लेकिन 1978 के भीषण दंगों के बाद हिंदू परिवारों का इस क्षेत्र से पलायन शुरू हो गया, जिसके कारण इस मंदिर में पूजा-पाठ भी बंद हो गए थे। शारिक और मोहम्मद सलमान, जो इस इलाके के निवासी हैं, ने बताया कि धीरे-धीरे यहां से सभी हिंदू परिवार चले गए और 2012 तक इस क्षेत्र में कोई हिंदू परिवार नहीं बचा था।
शारिक और सलमान का कहना है कि हिंदू परिवारों का पलायन अपनी इच्छा से हुआ था और इस मामले में किसी तरह की डर की स्थिति नहीं थी। उनका कहना था कि दंगों के बाद इलाके में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, बस परिवारों ने अपनी सुरक्षा और भविष्य के लिहाज से स्थान बदल लिया।
पूजा-पाठ की हुई शुरुआत
अब, जब मंदिर की सफाई की जा रही है, तो स्थानीय लोग फिर से मंदिर में पूजा-पाठ के लिए पहुंचने लगे हैं। आज सुबह मंदिर में पूजा की गई और इसके साथ ही इलाके में पुनः धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। मंदिर में पुलिस सुरक्षा का भी इंतजाम किया गया है, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
मंदिर का खुलासा कैसे हुआ?
यह मंदिर बिजली चेकिंग के दौरान अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के तहत ढूंढा गया। दीपा सराय इलाके में यह मंदिर वर्षों से बंद पड़ा था, और अब इसका खुलासा हुआ है। (Sambhal News ) मंदिर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है।
मंदिर की विशेषताएं
मंदिर के अंदर हनुमान जी की प्रतिमा, शिवलिंग और नंदी की मूर्तियां स्थापित हैं। यह मंदिर इलाके के लिए एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में माना जाता है। प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच इस मंदिर के बारे में चर्चा हो रही है।
चर्चाओं का विषय बना मंदिर
यह मंदिर अब चर्चा का विषय बन चुका है। जहां एक ओर इस मंदिर की पहचान को लेकर विभिन्न विचार विमर्श हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इलाके में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियान ने भी लोगों में जागरूकता फैलाई है। इस घटनाक्रम ने संभल क्षेत्र में बड़ा संदेश दिया है, खासकर धार्मिक धरोहरों को लेकर।


