Mahakumbha News : संगम नगरी प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ मेले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। महाकुंभ के दौरान मार्ग चौड़ीकरण के लिए घरों को ध्वस्त करने के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। प्रयागराज के फाफामऊ पुल के पास सड़क को चौड़ा करने के उद्देश्य से कई घरों को तोड़ने के नोटिस जारी किए गए थे।
नोटिस में घरों को खुद से तोड़ने का आदेश दिया गया था, और ऐसा न करने पर बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी गई थी। इस आदेश के खिलाफ 16 लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से इस मामले में दखल देने की अपील की थी। 20 दिसंबर 2024 को इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस एमके गुप्ता और जस्टिस अनीस गुप्ता की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की।
हाईकोर्ट ने ध्वस्तीकरण नोटिस पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में अगले आदेश तक घरों को तोड़ने के नोटिस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर नाराजगी भी जताई है और इसे जल्दबाजी में किया गया कदम बताया। हालांकि, यूपी सरकार ने इस प्रक्रिया को महाकुंभ मेले के लिए जरूरी बताते हुए इसे उचित ठहराया था। याचिकाकर्ताओं की तरफ से इस मामले में अधिवक्ता अवनीश त्रिपाठी ने अदालत में पक्ष रखा।
महाकुंभ मेले की तैयारियों में जुटी योगी सरकार
महाकुंभ मेला हर बार की तरह इस बार भी विशाल स्तर पर आयोजित होने जा रहा है, और इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी तैयारी में जुटी हुई है। 13 जनवरी 2024 से शुरू होने वाले महाकुंभ मेले में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इस बार लगभग 44 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का अनुमान है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यूपी सरकार मार्गों को चौड़ा करने, सुविधाओं को बेहतर बनाने, और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कोशिश कर रही है।


