Khajuraho News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित खजुराहो में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें प्रमुख केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और अन्य विकास कार्य शामिल थे। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर देश और दुनिया भर में क्रिसमस मना रहे ईसाई समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के एक साल के कार्यकाल की भी सराहना की और राज्य में विकास को नई गति मिलने की बात कही। मोदी ने कहा, “मोहिंदर यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने एक साल पूरा कर लिया है। इस एक साल में मध्य प्रदेश में विकास को नई दिशा मिली है।”
केन-बेतवा परियोजना और ओंकारेश्वर सोलर प्लांट का शिलान्यास
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज ऐतिहासिक केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास किया गया है, जो मध्य प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी लोकार्पण हुआ, जो राज्य का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट है। पीएम ने इन दोनों परियोजनाओं के लिए मध्य प्रदेश को बधाई दी और कहा कि यह राज्य की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने में सहायक होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर श्रद्धेय अटल जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “आज भारत रत्न अटल जी के जन्म के सौ साल पूरे हो रहे हैं। अटल जी की जयंती का यह पर्व सुशासन की प्रेरणा का भी पर्व है।”
सुशासन दिवस का महत्व
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हमारे लिए सुशासन दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है। सुशासन बीजेपी सरकारों की पहचान है। मैं देशवासियों से आग्रह करूंगा कि वे आजादी के 75 साल के मौके पर एक बार आकलन करें और विकास और सुशासन के मापदंड तय करें।” उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जब भी सत्ता में रहकर काम किया है, उसने जनता के कल्याण के लिए पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए सफलता हासिल की है।
कांग्रेस की नीयत पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा, “दशकों तक मध्य प्रदेश के किसान, माताएं और बहनें पानी की समस्या से जूझती रही हैं, क्योंकि कांग्रेस ने कभी जल संकट के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।” उन्होंने कहा कि जब देश में अटल जी की सरकार थी, तब उन्होंने पानी से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया था, लेकिन कांग्रेस की सरकार आने के बाद इन प्रयासों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीयत ही सही नहीं थी, इसलिए उसने कभी जल विवादों को सुलझाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि अटल जी की सरकार ने पानी के मुद्दों को प्राथमिकता दी थी, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने इन प्रयासों को नकारा। यह दर्शाता है कि बीजेपी के शासन में विकास और जनहित के लिए किए गए कदमों को कांग्रेस ने कभी भी समर्थन नहीं दिया।


