Saharanpur News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वक्फ संपत्तियों को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेशभर में इन संपत्तियों का सत्यापन तेजी से शुरू हो गया है। सीएम योगी ने कहा था कि वक्फ की जमीनों पर कब्जा करने वालों से एक-एक इंच जमीन वापस ली जाएगी। उनके इस बयान के बाद सहारनपुर जिले में वक्फ की संपत्तियों का सत्यापन कार्य जोर-शोर से चल रहा है। सहारनपुर में कुल 9335 वक्फ संपत्तियां मौजूद हैं, जिनकी जांच और सत्यापन का काम प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। इस प्रक्रिया की रिपोर्ट 20 जनवरी तक मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी जाएगी।
सहारनपुर में वक्फ संपत्तियों का सत्यापन
सीएम योगी के बयान के बाद प्रदेशभर में वक्फ संपत्तियों के सत्यापन का काम शुरू हो गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (Saharanpur News) जिले में सिया और सुन्नी वक्फ की 9335 संपत्तियों का सत्यापन हो रहा है। जिले में वक्फ बोर्ड की जमीनें, मकान और दुकानें शामिल हैं, जिनका विवरण अब प्रशासन एकत्र कर रहा है। सहारनपुर सदर तहसील और देवबंद में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां हैं, इसके अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी वक्फ से जुड़ी संपत्तियां पाई जाती हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वक्फ की आड़ में कोई अवैध कब्जा न हो।
कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई
सहारनपुर (Saharanpur News) में पहले भी वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं। जिला प्रशासन ने इस संदर्भ में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने वक्फ की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द कर मोटा मुनाफा कमाया है। प्रशासन अब इन आरोपों की गंभीरता से जांच कर रहा है। वक्फ संपत्तियों के अवैध कब्जे की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सत्यापन के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जो कि 20 जनवरी तक तैयार कर ली जाएगी।
सीएम योगी के बयान के बाद गरमाया सियासी माहौल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद सियासी माहौल भी गरमाया हुआ है। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि दिल्ली चुनाव के मद्देनजर सीएम योगी वक्फ संपत्तियों को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं ताकि लोगों का ध्यान अन्य मुद्दों से हटाया जा सके। सपा और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी ने प्रदेश के हर जिले में आलीशान दफ्तर बनाए हैं और यह सवाल उठाया है कि इन दफ्तरों के लिए जमीन कहां से आई और इन पर खर्च हुए पैसे का स्रोत क्या है। वहीं, बीजेपी ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा किया है, उन्हें इस सत्यापन प्रक्रिया से सबसे ज्यादा डर है। पार्टी ने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों के गुनहगारों पर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कोई भी छूट नहीं मिलेगी।
आगे की कार्यवाही
वक्फ संपत्तियों के सत्यापन का यह कार्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी जारी है, और लखनऊ में आगामी संयुक्त संसदीय कमेटी की बैठक में विभिन्न जिलों की वक्फ संपत्तियों का सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। यह कदम राज्य सरकार की योजना के तहत चल रहा है ताकि वक्फ संपत्तियों के सही मालिकों का पता चल सके और कोई अवैध कब्जा न हो सके। इस प्रक्रिया के बाद जिले में वक्फ संपत्तियों से संबंधित कई मामलों में कानूनी कार्रवाई की संभावना है।
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