Asaram News : आसाराम को आखिरकार राजस्थान हाईकोर्ट से जोधपुर मामले में अंतरिम जमानत मिल गई है। इससे पहले उसे गुजरात मामले में भी जमानत मिल चुकी थी। 12 साल, 8 महीने और 21 दिन के बाद आसाराम जेल से बाहर आया है। हालांकि, इतने सालों बाद भी उसके तेवर वही पुराने दिखाई दिए। राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को कुछ शर्तों पर जमानत दी है, जिससे वह जेल से बाहर आ सका है।
राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आसाराम को 31 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर भेजने का आदेश दिया। अदालत ने यह जमानत स्वास्थ्य संबंधी कारणों से दी है, जिससे वह अब अपनी मर्जी के अस्पताल में इलाज करा सकेगा। जैसे ही आसाराम को जमानत मिलने की खबर उसके समर्थकों को मिली, वे बड़ी संख्या में अस्पताल के बाहर पहुंच गए और आतिशबाजी कर खुशी मनाई।
आसाराम का दिखाई दिया पुराना तेवर
आदेश के बाद आसाराम को भगत की कोठी क्षेत्र स्थित एक निजी आयुर्वेद अस्पताल में भेजा गया, जहां वह पिछले कुछ हफ्तों से पैरोल पर भर्ती था। अस्पताल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ नाचती गाती नजर आई। आसाराम ने अस्पताल की खिड़की से अपने समर्थकों का अभिवादन किया और पुराने अंदाज में नजर आया। गुलाब के फूलों से सजी लाल पगड़ी पहने आसाराम का आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।
इन शर्तों पर मिली जमानत
आसाराम को अंतरिम जमानत कुछ महत्वपूर्ण शर्तों के साथ दी गई है। सबसे पहली शर्त यह है कि उसके साथ तीन सिपाही रहेंगे, जिनका खर्चा उसे ही उठाना होगा। इसके अलावा, आसाराम को बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा कर प्रवचन करने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही, वह गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश भी नहीं करेगा।
उल्लेखनीय है कि आसाराम को पहले गुजरात मामले में भी सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी थी, और अब जोधपुर मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने उसे राहत दी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आसाराम अंतरिम जमानत मिलने के बाद महाकुंभ के दौरान भी आ सकता है।
आसाराम को दी गई जमानत ने न केवल उसके समर्थकों को खुशी दी है, बल्कि इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या उसके खिलाफ चल रहे अन्य मामलों में भी कोई नया मोड़ आ सकता है।
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