Jammu-Kashmir Firing : जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सेना की गाड़ी पर हुए कथित आतंकी हमले का मामला अब साफ हो गया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह कोई आतंकी हमला नहीं था, बल्कि यह एक एक्सीडेंटल फायरिंग का मामला था। घटना के दौरान सेना के वाहन की मूवमेंट के दौरान यह घटना घटी। हालांकि इस पर अब तक सेना के किसी अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सुरक्षा सूत्रों का बयान
इससे पहले सुरक्षा सूत्रों ने जानकारी दी थी कि 25 फरवरी को राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर में करीब 12:45 बजे सेना की एक गाड़ी पर 4 से 5 राउंड फायरिंग हुई थी। आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया था और फिर वे मौके से फरार हो गए थे। हालांकि इस हमले में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और आतंकियों की तलाश की जा रही है।
सुंदरबनी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन
यह घटना उस समय हुई जब सुंदरबनी इलाका, जो एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल) से सटा हुआ है, में सुबह से ही सर्च ऑपरेशन चल रहा था। इस दौरान ही सेना के वाहन पर यह फायरिंग हुई। सूत्रों के अनुसार, हमलावर फायरिंग के बाद तुरंत ही मौके से भाग गए और आसपास के इलाकों में छिप गए। सेना के जवानों को जवाबी फायरिंग करने का मौका नहीं मिला। इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, और फिलहाल पुलिस को इस क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि यह क्षेत्र पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है।
पाकिस्तान से घुसपैठ की कोशिश
इस घटना के बाद भी सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। 7 फरवरी को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सात घुसपैठियों को मार गिराया था, जो जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। इन घुसपैठियों में से कुछ पाकिस्तानी सेना के जवान थे, जबकि कुछ अल बद्र संगठन से जुड़े हो सकते हैं। अल बद्र पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूह है, जो भारतीय क्षेत्र में हिंसा फैलाने की कोशिश करता है।
आतंकी हमले की आशंका
हालांकि राजौरी में हुई घटना को अब एक्सीडेंटल फायरिंग के रूप में स्पष्ट किया गया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से सुरक्षा बलों की सतर्कता और बढ़ गई है। भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बल इस समय पूरी तरह से तैयार हैं, ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ या आतंकी हमले का सामना किया जा सके।


