UP News : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय संगठन में गुटबाजी के चलते अलीगढ़ जिले में मंडल, जिला और महानगर अध्यक्षों के चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। पार्टी के संगठनात्मक चुनावों का शोर पूरे प्रदेश में सुनाई दे रहा है, लेकिन अलीगढ़ में यह प्रक्रिया दो माह के लिए टल गई है। यह कदम स्थानीय गुटबाजी और समन्वय की कमी के कारण उठाया गया है, जो कि पार्टी की चुनावी प्रक्रिया में अड़चन डाल रही है।
गुटबाजी के कारण टली चुनाव प्रक्रिया
अलीगढ़ जिले के दोनों संगठन (महानगर और जिला) ब्रज प्रांत के उन चार जिलों में शामिल हैं, जहां फिलहाल चुनाव नहीं होंगे। इन जिलों में अलीगढ़ के साथ हाथरस और फिरोजाबाद जनपद भी शामिल हैं। इस स्थिति का मतलब यह है कि जिन कमेटियों का काम चल रहा है, वही अपनी सक्रियता जारी रखेंगे। इस बीच प्रदेश में संगठनात्मक चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है, लेकिन अलीगढ़ में चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है।
प्रदेश नेतृत्व ने पहले संगठनात्मक चुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त किए थे, जिन्होंने नामांकन की प्रक्रिया शुरू की थी। अलीगढ़ महानगर में आठ और अलीगढ़ जिले में 27 मंडल हैं। इन मंडलों में गुटबाजी इतनी बढ़ चुकी है कि छोटे स्तर के मंडल अध्यक्ष के चुनाव भी प्रदेश स्तर पर पहुंच गए। यही वजह है कि समन्वय की कमी के चलते चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई।
चुनाव के रोकने की वजह
अब यह तय किया गया है कि (UP News) अलीगढ़ जिले, अलीगढ़ महानगर, हाथरस और फिरोजाबाद के संगठनात्मक चुनावों को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाएगा। इस पर विचार या तो प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद होगा या फिर कुछ माह बाद। इस स्थिति में चुनावी दावेदारों के बीच चिंता का माहौल है, क्योंकि उनका अब तक किया गया मेहनत बेकार न हो जाए।
संगठन चुनाव की प्रक्रिया
संगठन चुनाव की प्रक्रिया के तहत पहले मंडल अध्यक्षों का चुनाव होता है। मंडल अध्यक्ष और उनके प्रभारी जिला और महानगर अध्यक्षों के चुनाव के लिए प्रस्तावक बनते हैं। जब तक मंडल अध्यक्षों का चुनाव नहीं होता, तब तक जिला और महानगर अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती। इस कारण अलीगढ़ और ब्रज प्रांत के अन्य जिलों में चुनाव रोक दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में संघ प्रमुख का प्रवास
पार्टी के अंदर चर्चा यह भी है कि आगामी अप्रैल में संघ प्रमुख मोहन भागवत का अलीगढ़ (UP News) में प्रवास प्रस्तावित है। 17 से 21 अप्रैल तक उनके प्रवास के दौरान संघ के प्रमुख पदाधिकारियों और स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों के बीच चर्चा हो सकती है। इस प्रवास के बाद संगठन चुनाव पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।
भाजपा के चार गुट
अलीगढ़ भाजपा संगठन में चार प्रमुख खेमे सक्रिय हैं, जिनके बीच संघर्ष चल रहा है:
- केंद्रीय जनप्रतिनिधियों का खेमाः इस खेमे का नेतृत्व केंद्रीय स्तर के जनप्रतिनिधि कर रहे हैं, जिन्होंने मंडल अध्यक्षों के चुनाव में अपनी सूची को प्राथमिकता देने की कोशिश की थी।
- राज्य स्तर के जनप्रतिनिधियों का खेमाः यह खेमां अपने अनुसार मंडल अध्यक्षों के चयन की दिशा में काम कर रहा है।
- पूर्व कद्दावर जनप्रतिनिधि का खेमाः इस खेमे में एक पूर्व कद्दावर जनप्रतिनिधि का समर्थन प्राप्त है।
- स्वतंत्र खेमाः इस खेमे में वे लोग शामिल हैं, जो किसी एक खेमे में नहीं जाते और स्वतंत्र रूप से संगठन के साथ काम करते हैं।
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