Moradabad News : कुंदरकी थाना क्षेत्र के फरहेदी गांव में कुछ लोगों ने पैसों और सुविधाओं का लालच देकर हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने का आरोप सामने आया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब 26 फरवरी को 25 अन्य हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना के बाद आरएसएस और भाजपा के पदाधिकारी गांव में पहुंचे और पंचायत आयोजित कर धर्म परिवर्तन करने वाले सभी 32 लोगों को समझाकर उनकी हिंदू धर्म में वापसी कराई।
धर्म परिवर्तन की शुरुआत और ईसाई धर्म अपनाने का मामला
फरहेदी गांव के दो परिवारों के सात लोगों ने लगभग एक साल पहले हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया था। इसके बाद उन्होंने पूजा-पाठ बंद कर दी और देवी-देवताओं की मूर्तियाँ और तस्वीरें अपने घरों से हटा दीं। इसके बाद इन परिवारों ने अन्य लोगों को भी अपने साथ ईसाई धर्म में शामिल करने का प्रयास शुरू किया। 26 फरवरी को एक ग्रामीण बैठक में 25 और हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया गया, जिसका वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद हुई हड़कंप
इस वीडियो के वायरल होते ही आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया और स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लिया गया। शनिवार को इस प्रकरण पर पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें आरएसएस, भाजपा और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। पंचायत में धर्म परिवर्तन करने वाले सभी 32 लोगों को बुलाकर उन्हें समझाया गया। इसके बाद, उन्होंने अपनी गलती मानते हुए हिंदू धर्म में अपनी आस्था जताई और स्वेच्छा से हिंदू धर्म में वापसी कर ली।
शिवमंदिर में पूजा-पाठ और घर वापसी
धर्म परिवर्तन करने वाले सभी 32 लोगों की हिंदू धर्म में वापसी के बाद शिव मंदिर में विधिपूर्वक पूजा-पाठ किया गया। ग्राम प्रधान धर्मेद्र सिंह ने बताया कि धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों को समझाया गया और उन्होंने स्वेच्छा से घर वापसी कर ली। अब कोई समस्या नहीं है।
ईसाई धर्म की धार्मिक क्रियाएं घर में हुईं तो राज खुला
जानकारी के अनुसार ईसाई धर्म अपनाने वाले दो परिवारों ने एक साल तक इस तथ्य को ग्रामीणों से छिपाए रखा। (Moradabad News) लेकिन जब इन परिवारों के घरों में ईसाई धर्म की धार्मिक क्रियाएं होने लगीं और एक अन्य ग्रामीण के घर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम का वीडियो वायरल हुआ, तो यह राज खुल गया। गांव में जाकर जांच करने पर यह पुष्टि हुई कि इन घरों में ईसाई धर्म से संबंधित धार्मिक पुस्तकें, क्रॉस और अन्य प्रतीक चिह्न मिले, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि इन परिवारों ने ईसाई धर्म अपना लिया था।
पुलिस की जांच और भविष्य की कार्रवाई
इस घटना के बाद पुलिस ने भी गांव में जाकर जांच पड़ताल की। हालांकि, धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों ने लिखित में यह कहा कि उन्होंने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। बावजूद इसके आरएसएस और भाजपा के नेताओं ने चेतावनी दी है कि जो लोग लालच देकर हिंदू परिवारों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


