3 March Ka Panchang : पंचांग मुख्य रूप से पांच प्रमुख तत्वों या “अंगों” से बना होता है, जो समय और खगोलीय घटनाओं के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
ये है पांच तत्व
तिथि (चंद्र दिवस): किसी दिए गए दिन चंद्रमा का विशिष्ट चरण।
नक्षत्र (तारा नक्षत्र): 27 नक्षत्रों में से किसी एक में चंद्रमा की स्थिति।
वर (सप्ताह का दिन): सप्ताह का दिन, जो रविवार (रविवार) से शुरू होता है।
योग (चंद्र-सौर काल): सूर्य और चंद्रमा की स्थिति का एक विशेष संयोजन, जो दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है।
करण (तिथि का आधा भाग): तिथि का दो भागों में विभाजन, जिसका उपयोग अधिक सटीक समय गणना के लिए किया जाता है।
3 March Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 06:44 ए एम
- सूर्यास्त 06:22 पी एम
- चन्द्रोदय 08:40 ए एम
- चन्द्रास्त 10:11 पी एम
पंचांग
- तिथि चतुर्थी – 06:02 पी एम तक
- नक्षत्र अश्विनी – 04:29 ए एम, मार्च 04 तक
- पञ्चमी भरणी
- योग शुक्ल – 08:57 ए एम तकⓘ
- करण वणिज – 07:30 ए एम तकⓘ
- ब्रह्म – 05:25 ए एम, मार्च 04 तकⓘ
- विष्टि – 06:02 पी एम तकⓘ
- इन्द्रⓘ बव – 04:37 ए एम, मार्च 04 तकⓘ
- वार सोमवारⓘ बालवⓘ
- पक्ष शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति सम्वत्सर
- विक्रम सम्वत 2081 पिङ्गलⓘ
- बृहस्पति सम्वत्सर पिङ्गल – 02:14 पी एम, अप्रैल 29, 2024 तकⓘ
- शक सम्वत 1946 क्रोधीⓘ कालयुक्तⓘ
- गुजराती सम्वत 2081 नलⓘ चन्द्रमास फाल्गुन – पूर्णिमान्तⓘ
- प्रविष्टे/गते 20ⓘ फाल्गुन – अमान्तⓘ
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि मेष नक्षत्र पद अश्विनी – 12:05 पी एम तक
- सूर्य राशि कुम्भ अश्विनी – 05:32 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र शतभिषा अश्विनी – 11:00 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र पद शतभिषा अश्विनी – 04:29 ए एम, मार्च 04 तक
- भरणी
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु वसन्त दिनमान 11 घण्टे 38 मिनट्स 12 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु शिशिर रात्रिमान 12 घण्टे 20 मिनट्स 43 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन उत्तरायण मध्याह्न 12:33 पी एम
- वैदिक अयन उत्तरायण
3 March Ka Panchang : शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 05:05 ए एम से 05:54 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 05:29 ए एम से 06:44 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 12:09 पी एम से 12:56 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:29 पी एम से 03:16 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 06:19 पी एम से 06:44 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 06:22 पी एम से 07:36 पी एम
- अमृत काल 09:56 पी एम से 11:24 पी एम
- निशिता मुहूर्त 12:08 ए एम, मार्च 04 से 12:57 ए एम, मार्च 04
- रवि योग 04:29 ए एम, मार्च 04 से 06:43 ए एम, मार्च 04
अशुभ समय
- राहुकाल 08:11 ए एम से 09:38 ए एम
- यमगण्ड 11:05 ए एम से 12:33 पी एम
- गुलिक काल 02:00 पी एम से 03:27 पी एम
- विडाल योग 04:29 ए एम, मार्च 04 से 06:43 ए एम, मार्च 04
- वर्ज्य 12:51 ए एम, मार्च 04 से 02:18 ए एम, मार्च 04
- ज्वालामुखी योग 04:29 ए एम, मार्च 04 से 06:43 ए एम, मार्च 04
- गण्ड मूल 06:44 ए एम से 04:29 ए एम, मार्च 04
- दुर्मुहूर्त 12:56 पी एम से 01:43 पी एम
- बाण मृत्यु – 06:52 पी एम से पूर्ण रात्रि तक 03:16 पी एम से 04:02 पी एम
- भद्रा 07:30 ए एम से 06:02 पी एम
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग राक्षस – 04:29 ए एम, मार्च 04 तक
- तमिल योग मरण – 04:29 ए एम, मार्च 04 तक
- चर सिद्ध
- जीवनम अर्ध जीवन½ नेत्रम एक नेत्र𝟣
निवास और शूल
- होमाहुति बुध☿
- दिशा शूल पूर्व
- अग्निवास पृथ्वी
- चन्द्र वास पूर्व
- भद्रावास स्वर्ग – 07:30 ए एम से 06:02 पी एम तक
- राहु वास उत्तर-पश्चिम
- शिववास क्रीड़ा में – 06:02 पी एम तक
- कुम्भ चक्र पूर्व – 04:29 ए एम, मार्च 04 तक
- कैलाश पर दक्षिण


