UP Vidhan Sabha News : उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राज्य के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या है और किसी भी संचालित विद्यालय को बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि जर्जर घोषित नहीं किए गए स्कूलों को बंद करने की खबरें निराधार हैं।
राज्य विधानसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने शिक्षकों की उपलब्धता, उनके प्रशिक्षण और स्कूलों को बंद करने की खबरों को लेकर सवाल उठाया।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का जवाब
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकार न केवल प्राथमिक विद्यालयों को जारी रख रही है, बल्कि उनकी गुणवत्ता में भी सुधार कर रही है। उन्होंने कहा “जहां पर बच्चे पढ़ रहे हैं और जो स्कूल जर्जर घोषित नहीं हैं, ऐसे किसी भी विद्यालय को बंद करने का निर्णय नहीं लिया गया है। बल्कि स्कूलों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सरकार ‘सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल’ तैयार कर रही है। ये विद्यालय ‘अटल आवासीय विद्यालय’ की तर्ज पर विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होंगे। प्रदेश के 57 जिलों में इन स्कूलों को बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।”
स्कूलों को बंद करने की खबरों पर सरकार की सफाई
सपा विधायक ने कहा था कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता को अखबारों से जानकारी मिलती रहती है कि सरकार प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने की योजना बना रही है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई योजना नहीं है और सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी बड़ा बयान
बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है, हालांकि कुछ विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक और शिक्षकों की संख्या कम है। “ज्यादातर विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित है। जहां शिक्षकों की कमी है, वहां सरकार ने समायोजन की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन वह मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण रुका हुआ है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, प्रदेश के सभी विद्यालयों में छात्रों और शिक्षकों का अनुपात संतुलित हो जाएगा।”
शिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर सरकार का बड़ा कदम
शिक्षकों के प्रशिक्षण के मुद्दे पर मंत्री ने बताया कि सरकार डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश के सभी 880 विकासखंडों में आईसीडी लैब की स्थापना की गई है, जहां शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत 1,65,299 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है।
सरकार का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षकों की पर्याप्त संख्या, डिजिटल प्रशिक्षण और नए मॉडल स्कूलों की स्थापना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार के इस कदम से प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होने की उम्मीद है।


