UP News : होली और रमजान के पहले शुक्रवार को जिले भर में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। संभल के सीओ अनुज चौधरी के बयान के बाद जिले में होली के दिन पड़ रही जुमे की नमाज का समय बदल दिया गया है। जुमे की नमाज अब 14 मार्च को दोपहर 2:30 बजे के बाद होगी, जबकि हिंदू समुदाय के लोग इस दिन दोपहर 2:30 बजे तक होली खेलेंगे।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि जिले में शांति बनाए रखने के लिए पीएसी की सात कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा, पुलिस चौकियों का निरीक्षण किया जा रहा है और सत्यव्रत पुलिस चौकी पर एक एंटीना लगाया गया है, जहां जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में पूरी तरह से शांति बनी हुई है, और मोहल्ला स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
शांति समिति की बैठक में होली और जुमे की नमाज को लेकर दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों से बातचीत की गई। इस बैठक के बाद यह तय किया गया कि 14 मार्च को जुमे की नमाज दोपहर 2:30 बजे के बाद होगी, और हिंदू समुदाय के लोग होली खेलकर दोपहर 2:30 बजे तक अपने घर चले जाएंगे।
एसपी कृष्ण कुमार ने बताया कि जिले की पुलिस सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रही है और लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें। अगर कोई अफवाह फैलती है, तो पुलिस को सूचित करें, ताकि उसका समय रहते खंडन किया जा सके। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि अफवाहों से बचें और आपसी सौहार्द बनाए रखें।”
संभल जिले को सुरक्षा के मद्देनजर छह जोन और 29 सेक्टरों में बांटा गया है, और हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि थाना स्तर और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें पहले ही आयोजित हो चुकी हैं, और दोनों पक्षों ने कहा है कि वे दोनों त्योहार शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या होली के कारण मस्जिदों पर तिरपाल लगाया जाएगा, तो जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की ओर से ऐसी कोई योजना नहीं है। हालांकि, अगर पक्षकार अपने स्तर पर ऐसा निर्णय लेते हैं, तो वे इसे कर सकते हैं।
इस बीच, बृहस्पतिवार को संभल में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने होली के रंगों से असहज होने वाले लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी थी, क्योंकि यह त्योहार साल में एक बार आता है। इस टिप्पणी को विपक्षी दलों ने आलोचना करते हुए कहा कि यह टिप्पणी पक्षपाती है और एक अधिकारी को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। विपक्षी नेताओं ने इस बयान पर कार्रवाई की मांग की है।


