Lalu Prasad Yadav : राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। नौकरी के बदले जमीन घोटाले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने अब लालू प्रसाद यादव को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। ईडी ने 76 वर्षीय लालू यादव को 19 मार्च को पटना में स्थित अपने कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ईडी ने उनके परिवार के कई अन्य सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है, जिनमें उनके दोनों बेटे, तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव भी शामिल हैं।
ईडी के सामने पेश होने की उम्मीद कम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समन जारी किए जाने के बावजूद यह संभावना जताई जा रही है कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य ईडी के सामने पेश नहीं होंगे। ईडी ने बीते साल दिल्ली की अदालत में लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनकी बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव का नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है। इसके अलावा, बीते महीने दिल्ली की एक अदालत ने भी राजद प्रमुख लालू यादव, उनके बेटे तेज प्रताप यादव और बेटी हेमा यादव को नौकरी के बदले जमीन मामले में समन जारी किया था।
दिल्ली की अदालत ने भी जारी किया था नोटिस
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने लालू यादव के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भी समन जारी करते हुए उन्हें 11 मार्च को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया था। ईडी द्वारा धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में जांच की जा रही है, जिसमें लालू यादव और उनके दोनों बेटों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
नौकरी के बदले जमीन लेने का आरोप
लालू प्रसाद यादव पर यह आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में नौकरी देने के बदले लोगों से जमीन ली या उनके परिवार के सदस्यों को कम कीमत पर जमीन बेचने के लिए दबाव डाला। यह घोटाला उस समय का है जब वे 2004 से 2009 तक भारत सरकार में रेल मंत्री थे। सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल करते हुए आरोप लगाया है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने भर्तियां कीं, और उन भर्तियों के बदले नियमों का उल्लंघन किया।


