UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया, जिसने महिलाओं की यात्रा सुरक्षा को लेकर चिंता को और बढ़ा दिया। महिला वाराणसी में अपना इंटरव्यू देने के बाद देर रात लखनऊ के आलमबाग बस अड्डे पर आई थी और वहां से कमता में अपने भाई के घर जाने के लिए निकली थी, लेकिन ऑटो ड्राइवर ने उसे मलिहाबाद ले जाकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद यूपी पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक नई प्रणाली विकसित करने की तैयारी की है।
योगी सरकार ने महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए यूपी-112 को एक नए प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी दे दी है, जिसके जरिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा करने वाली महिलाओं को गलत रास्ते पर ले जाने वाले वाहनों को तत्काल ट्रैक किया जा सकेगा। यूपी-112 ने इस सुरक्षा प्रणाली को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से खरीदने की योजना बनाई है और इसे यूपी-112 से इंटीग्रेट करने के बाद इस सुरक्षा व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
क्या करना होगा?
महिलाओं को इस सुरक्षा प्रणाली का लाभ उठाने के लिए अपने मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप पर लॉग-इन करने के बाद एक ओटीपी प्राप्त होगा। ओटीपी डालने के बाद आपका फोन सुरक्षा प्रणाली से जुड़ जाएगा और आपको अपनी यात्रा की जानकारी ऐप में अपडेट करनी होगी। जैसे ही महिला यात्री अपनी लोकेशन ऐप में अपडेट करती है, यूपी-112 की टीम उसे ट्रैक करना शुरू कर देती है। अगर यात्रा के दौरान कोई दिक्कत होती है तो महिलाएं ऐप के जरिए यूपी-112 से संपर्क कर सकती हैं।
कैसे काम करेगी सुरक्षा प्रणाली?
मान लीजिए कि प्रियंका नाम की महिला ने लखनऊ से (UP) कानपुर तक के लिए कैब बुक किया है। कैब में बैठने के बाद प्रियंका को अपनी यात्रा की जानकारी यूपी-112 के ऐप में अपडेट करनी होगी। इसके बाद यूपी-112 की टीम प्रियंका की लोकेशन को ट्रैक करती रहेगी। अगर कैब ड्राइवर प्रियंका को गलत रास्ते पर ले जाता है, तो यूपी-112 की टीम नजदीकी पीआरवी (पुलिस रिस्पांस वाहन) को सूचित करेगी। इसके बाद पीआरवी मौके पर पहुंचकर प्रियंका की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
पैनिक बटन का हुआ था असफल प्रयास
इससे पहले महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कैब में पैनिक बटन लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह योजना पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई। लखनऊ समेत कई बड़े शहरों में अभी भी कैब में पैनिक बटन नहीं लग पाया है। जिन गाड़ियों में पैनिक बटन लगाए गए, वहां तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। इस समस्या को देखते हुए योगी सरकार ने अब एक नया और प्रभावी तरीका निकाला है।


