Myanmar Earthquake : म्यांमार में भूकंप का कहर लगातार जारी है। शनिवार दोपहर 3:30 बजे एक और शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई। इस भूकंप से बीते दो दिनों में तीन बड़े भूकंप आ चुके हैं, जिससे मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रॉयटर्स के अनुसार, अब तक 1,002 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग घायल हैं। इस विनाशकारी भूकंप ने म्यांमार और उसके पड़ोसी देशों के लिए एक बड़ी प्राकृतिक आपदा का रूप ले लिया है।
भूकंप से मची भारी तबाही
शुक्रवार को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने देशभर में भारी तबाही मचाई। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, इस भूकंप के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा 10,000 तक पहुंच सकता है। भूकंप के झटके सिर्फ म्यांमार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इनसे थाईलैंड, बांग्लादेश, चीन और भारत जैसे देशों में भी कंपन महसूस किए गए थे।
भारत ने म्यांमार को मदद का दिया आश्वासन
भारत सरकार इस प्राकृतिक आपदा पर करीबी नजर बनाए हुए है और अपनी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख से बात की और उन्हें हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। भारत सरकार ने म्यांमार में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भेजने और मेडिकल सहायता देने की पेशकश की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, “म्यांमार में भूकंप से हुए नुकसान पर गहरा दुख है। भारत हरसंभव मदद के लिए तैयार है। प्रभावित परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं।”
अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। इस दौरान राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की जरूरत है ताकि फंसे हुए लोगों की जान बचाई जा सके। राहत एजेंसियां और सरकारें इस समय हर संभव प्रयास कर रही हैं ताकि प्रभावित इलाकों से जल्द से जल्द लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
अगले कुछ दिनों में आ सकता है फिर से भूकंप
अगले कुछ दिनों में भूकंप के और झटके आने की संभावना भी जताई जा रही है। इस कारण राहत कार्यों में कठिनाई हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति को शीघ्र संभाला जाए तो और नुकसान को टाला जा सकता है।


