Waqf Amendment Bill : तारीख थी 1 जुलाई 2024। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद संसद का पहला सत्र था। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पहली बार विपक्ष के नेता (एलओपी) के रूप में बोले थे। अपने पहले ही भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री और बीजेपी पर हमला करते हुए भगवान शिव की तस्वीर भी दिखाई थी। उनके भाषण का मुख्य संदर्भ हिंदुत्व और हिंसा था।
आज भी संसद में राहुल गांधी के लिए बड़ा दिन है क्योंकि मोदी सरकार वक्फ बिल पेश करने जा रही है। राहुल गांधी ने इस बिल का विरोध करने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन वह इस चर्चा में बतौर वक्ता शामिल होने से बच रहे हैं।
वक्फ बिल पर क्यों नहीं बोलेंगे राहुल गांधी ?
सूत्रों का कहना है कि जब वक्फ बिल पेश होगा, राहुल गांधी सदन में मौजूद तो रहेंगे, मगर इस चर्चा में बतौर वक्ता शामिल नहीं होंगे। राहुल गांधी चाहते हैं कि कांग्रेस की ओर से कोई ऐसा नेता बोले, जिसे इस विषय की अधिक जानकारी हो। कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में उन्होंने सुझाव दिया कि इस चर्चा में कांग्रेस की ओर से जेपीसी के सदस्य शामिल हों क्योंकि उन्होंने इस मामले से जुड़ी कई बैठकों में भाग लिया है और उन्हें इस पर गहरी जानकारी है।
कांग्रेस की तैयारी
वक्फ बिल पर संसद में संग्राम से पहले कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस इस बिल का विरोध कर रही है। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस संसदीय दल के सभी लोकसभा सांसदों की एक बैठक हुई, जिसमें वक्फ बिल पर पार्टी के रुख को मजबूती से रखने पर चर्चा हुई। इस बैठक को राहुल गांधी ने संबोधित किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह खुद इस चर्चा में हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी जगह कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई इस बिल पर पार्टी का पक्ष रखेंगे।
Rahul Gandhi की रणनीति
बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे सभी संस्थानों पर नियंत्रण कर रही है और इसी कड़ी में वक्फ संशोधन बिल लाया जा रहा है, जो संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदन में इस बिल का कड़ा विरोध करेगी और इसके खिलाफ मतदान भी करेगी। उन्होंने दावा किया कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है। बैठक के बाद राहुल गांधी अपने घर चले गए और बाद में लोकसभा में वापस आएंगे ताकि चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रह सकें।
राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल
राहुल गांधी का इस चर्चा में भाग न लेना चौंकाने वाला है। कुछ समय पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद में उन्हें बोलने नहीं दिया जाता और उनकी आवाज दबाई जाती है। उन्होंने इस बारे में लोकसभा स्पीकर को पत्र भी लिखा था। ऐसे में जब वक्फ बिल पर बोलने का मौका था, तब उनकी चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।


