Kashmir Terror Attack : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार, 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिसमें महाराष्ट्र के 6 पर्यटक भी शामिल हैं। इस दर्दनाक और कायरतापूर्ण हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके गृह जनपदों में लाने की प्रक्रिया जारी है, वहीं सरकार ने अन्य फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने की कवायद तेज कर दी है।
महाराष्ट्र के छह मृतकों के पार्थिव शरीर रवाना
महाराष्ट्र के मृतकों में संजय लेले और दिलीप देसाले के पार्थिव शरीर को एयर इंडिया की फ्लाइट से श्रीनगर से मुंबई लाया जा रहा है। वहीं हेमंत जोशी और अतुल मोने के शव दोपहर 1:15 बजे रवाना होने वाली फ्लाइट से मुंबई भेजे जाएंगे।
पुणे निवासी कौस्तुभ गनबोटे और संतोष जगदाले के शव शाम 6 बजे श्रीनगर से रवाना होकर पुणे लाए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए मुंबई एयरपोर्ट पर मंत्री आशीष शेलार और मंगलप्रभात लोढ़ा, जबकि पुणे एयरपोर्ट पर मंत्री माधुरीताई मिसाल उपस्थित रहेंगे।
वहीं, मंत्री गिरीश महाजन पहले ही श्रीनगर रवाना हो चुके हैं ताकि फंसे हुए अन्य पर्यटकों की वापसी सुनिश्चित की जा सके।
प्रत्यक्षदर्शी महिला पर्यटक की आपबीती
पहलगाम हमले की भयावहता को बयां करते हुए महाराष्ट्र की एक महिला पर्यटक ने न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में बताया, “हम कश्मीर पहुंचने के बाद पहले कटरा रुके थे और फिर पहलगाम आए। वहां हमने घुड़सवारी की। हमारे साथ चार-पांच घुड़सवार भी थे। जब हम ऊंचाई पर पहुंचे तो कुछ अजनबी हमारे पास आए और कश्मीरी कपड़े पहनकर फोटो खिंचवाने के लिए कहा। हमें कुछ अजीब लगा और डर सा महसूस हुआ।”
उन्होंने आगे बताया, “फिर कुछ लोगों के बीच फोटो खिंचवाने को लेकर झगड़ा हुआ। हमने तुरंत वहां से निकलने का फैसला किया। हमारे निकलने के करीब 15 मिनट बाद ही हमला हुआ। हम बहुत डर गए।”
पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता
महिला पर्यटक ने बताया कि हमले के बाद से सभी पर्यटक डरे हुए हैं। “हम घूमने आए थे, लेकिन पहले पहाड़ों से फिसलन हुई, फिर अटैक हो गया। अब हमें नहीं पता आगे क्या होगा। मेरी मां को ब्लड प्रेशर और थायराइड की समस्या है। हमले की खबर सुनकर वो बहुत घबरा गईं और उनकी तबीयत बिगड़ गई।”
उन्होंने सरकार से सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने की अपील की है। “हम सभी पर्यटकों के लिए मेरी सरकार से यही विनती है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम करें ताकि कोई और इस भयावह अनुभव से न गुजरे।”
प्रशासन सतर्क
इस हमले के बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों के इलाज और मृतकों के शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्राथमिकता पर काम किया जा रहा है।


