Ganga Expressway : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य हर हाल में नवंबर तक पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री दो और तीन मई को एक्सप्रेस-वे पर बनी हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमानों की नाइट लैंडिंग की तैयारियों की समीक्षा के लिए पहुंचे थे। यह पहली बार होगा जब किसी एक्सप्रेस-वे पर बनी हवाई पट्टी पर रात के समय लड़ाकू विमान उतरेंगे।
हवाई पट्टी का निरीक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलिकॉप्टर जलालाबाद से होकर गंगा एक्सप्रेस-वे पर बने हेलिपैड पर सुबह 11:56 बजे उतरा। इसके बाद मुख्यमंत्री कार से करीब पांच सौ मीटर तक हवाई पट्टी का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के बाद वे सेफ रूम में पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, यूपीडा और निर्माणदायी कंपनी के प्रतिनिधियों से गंगा एक्सप्रेस-वे की प्रगति पर विस्तार से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर हाल में इसे तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने लड़ाकू विमानों की लैंडिंग को लेकर की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की और जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दो और तीन मई को होगी लड़ाकू विमानों की नाइट लैंडिंग
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Expressway ) पर साढ़े तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी तैयार की गई है। यह देश में पहली बार होगा जब किसी एक्सप्रेस-वे की हवाई पट्टी पर रात के समय लड़ाकू विमान उतरेंगे। दो मई की रात को नाइट लैंडिंग की जाएगी, जबकि तीन मई को दिन में लड़ाकू विमानों की लैंडिंग का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके लिए भारतीय वायु सेना के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
हवाई पट्टी के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम
हवाई पट्टी के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है। साथ ही, जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए लोहे की बाड़ भी लगाई गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सुरक्षा के सभी उपाय पूरे कर लिए गए हैं ताकि नाइट लैंडिंग के दौरान किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।


