Awadhesh Prasad on Pahalgam : पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर देशभर में सियासत भी तेज हो गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस हमले को सरकार की विफलता करार देते हुए सवाल उठाए थे। अब इस पर फैजाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस हमले को देश की आजादी और एकता पर हमला बताते हुए कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की बनती है।
“देश की एकता पर हमला है यह” – अवधेश प्रसाद
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “यह हमला हमारे देश की आजादी पर हमला है। यह हमारे देश की एकता और अनेकता में एकता के सूत्र पर हमला है। इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होती है। देश के नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी सरकार पर है।”
उन्होंने कहा कि आज का सबसे अहम विषय यह है कि जब-जब देश पर हमला हुआ है, तब-तब देशवासियों ने एकजुटता का परिचय दिया है और एक झंडे के नीचे खड़े होकर हमलों का सामना किया है।
सरकार के फैसलों का समर्थन करेगी सपा
अवधेश प्रसाद ने आगे कहा, “आज भी इस संकट की घड़ी में समाजवादी पार्टी, हमारे नेता अखिलेश यादव और अन्य राजनीतिक दल सरकार के कदमों का समर्थन कर रहे हैं। देश का सम्मान बनाए रखने के लिए सरकार को जो भी ठोस कदम उठाने हैं, उसमें हम सरकार के साथ खड़े हैं।”
उन्होंने कहा कि अब बयानबाजी का समय नहीं है, बल्कि सोच-समझकर देशहित में निर्णय लेने का वक्त है। अनेकता में एकता की जो भावना है, उसकी रक्षा के लिए जो भी आवश्यक कदम हों, उन्हें उठाना चाहिए।
पीड़ित परिवारों के लिए 10-10 करोड़ मुआवजे की मांग
सपा सांसद ने मांग की कि जो परिवार इस हमले में बर्बाद हो गए हैं, उनके प्रति पूरे देश की संवेदना है। उन्होंने कहा, “हमारे नेता ने मांग की है कि सरकार प्रभावित परिवारों को 10-10 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दे। यह महज भावना नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का वक्त राजनीति करने का नहीं है, बल्कि एकजुट होकर सरकार को फैसले लेने का समर्थन देने का है।
विजय वडेट्टीवार ने उठाए थे सवाल
बता दें कि कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने पहलगाम हमले को सरकार की नाकामी बताते हुए कहा था कि आतंकियों के इतने भीतर घुस आने पर इंटेलिजेंस एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा था, “सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। आतंकियों के पास इतना समय नहीं होता कि वे धर्म पूछकर मारें। इस तरह की बातें विवाद को जन्म देती हैं।”


