Delhi News : दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके के तैमूर नगर में सोमवार सुबह का समय उस वक्त तनावपूर्ण बन गया, जब अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए प्रशासन ने बुलडोजर भेजे। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली नगर निगम (MCD) ने संयुक्त अभियान चलाते हुए नाले के किनारे वर्षों से जमे अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
सुबह 9 बजे शुरू हुआ बुलडोजर अभियान
इस कार्रवाई की शुरुआत सुबह 9 बजे की गई, जिसमें करीब आधा दर्जन से ज्यादा जेसीबी मशीनों को लगाया गया। यह अभियान उस डेढ़ किलोमीटर लंबे नाले के किनारे चलाया गया, जहां पर लंबे समय से अवैध झुग्गियां और निर्माण हो रखे थे। प्रशासन ने पहले भी अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार नोटिस दिए थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। आखिरकार मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से अवैध निर्माण हटाने के निर्देश जारी किए गए।
भारी पुलिस बल की तैनाती
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में दिल्ली (Delhi) पुलिस और अर्धसैनिक बलों को मौके पर तैनात किया गया। दिल्ली विकास प्राधिकरण, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों का विरोध, पुनर्वास की मांग
कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से यहां रह रहे थे और प्रशासन ने उन्हें केवल कुछ दिन पहले ही नोटिस थमाया। अब अचानक उनके घरों को बुलडोजर से गिरा दिया गया, जिससे वे बेघर हो गए हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि उनके पास अब कोई आश्रय नहीं बचा है और प्रशासन को उनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रशासन की सफाई
वहीं, प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानून के तहत की गई है। DDA और नगर निगम का कहना है कि नाले पर बना यह अवैध अतिक्रमण न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि जल निकासी और सफाई व्यवस्था में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। प्रशासन ने दोहराया कि किसी भी सूरत में अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


