CM Yogi News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश की औद्योगिक प्रगति तभी संभव है जब श्रम कानूनों को प्रो-इंडस्ट्री और प्रो-श्रमिक दोनों दृष्टियों से संतुलित बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रम कानूनों का सरलीकरण ऐसा हो जिससे उद्योगों को संचालन में सुविधा मिले, लेकिन श्रमिकों के शोषण की कोई गुंजाइश न रह जाए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, प्रतिस्पर्धी नहीं। श्रमिकों और उनके परिवारों को बीमा सुरक्षा कवच देने के भी निर्देश सीएम योगी ने अफसरों को दिए।
उद्योगों का विस्तार ही है रोजगार सृजन का माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाथ को काम देने के लिए उद्योगों को सशक्त करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “उद्योग बंद कर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता, बल्कि उद्योगों का विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार सृजन का माध्यम है।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिजनों को सुरक्षा मिले, इसके लिए उन्हें सम्मानजनक मानदेय और बीमा सुविधा मिलनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा श्रमिक-हितैषी और उद्योग समर्थ राज्य बनकर उभरे।
पिछले 9 वर्षों में कारखानों की संख्या दोगुनी
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 13,644 नए कारखाने पंजीकृत किए गए हैं, जो लगभग 99% वृद्धि दर्शाता है। भारत सरकार के बीआरएपी रिकमेंडेशन के क्रियान्वयन में भी यूपी के श्रम विभाग को अचीवर स्टेट का दर्जा मिला है। मुख्यमंत्री ने इसे अभूतपूर्व उपलब्धि बताया।
बाल श्रमिकों के पुनर्वास पर विशेष ज़ोर
CM Yogi ने कहा कि बाल श्रमिकों को केवल आजीविका से मुक्त कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और स्पॉन्सर्ड स्कीम्स से जोड़कर पुनर्वास की दिशा में तेज़ी से काम किया जाए। उन्होंने इसे सामाजिक दायित्व बताते हुए कहा कि यह भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित जीवन देने की दिशा में भी कदम होगा।
मॉडल के तौर पर विकसित होंगे श्रमिक अड्डे
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि श्रमिक अड्डों को मॉडल रूप में विकसित किया जाए, जहां डोरमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग की सुविधाएं हों। श्रमिकों को 5-10 में चाय, नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्किल मैपिंग कर उन्हें न्यूनतम मानदेय देने की व्यवस्था लागू हो।
विदेश जाने वाले श्रमिकों को मिलेगा भाषायी प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रोजगार पाने वाले श्रमिकों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ उस देश की भाषा का प्रशिक्षण भी अनिवार्य किया जाए। यह उनकी कार्यकुशलता और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।
निजी अस्पताल भी जुड़ेंगे सरकारी योजनाओं से
सीएम योगी (CM Yogi) ने आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को भी सीएसआईसी और ईएसआईएस से जोड़ने के निर्देश दिए। इससे संगठित और असंगठित दोनों वर्गों के श्रमिकों को स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।
अटल आवासीय विद्यालय बनें गुणवत्ता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय देशभर में एक मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने इनकी निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया।
निवेश मित्र पोर्टल पर तीव्र प्रगति
सीएम योगी ने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त 5,97,625 आवेदनों में से 5,90,881 को एनओसी दी जा चुकी है। शेष आवेदनों के निस्तारण को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।


