Jharkhand News: झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित जंगली इलाकों में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। इस दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (IED) की चपेट में आकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 134वीं बटालियन के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) सत्यवान कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान अस्पताल में उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
सुबह साढ़े छह बजे हुआ धमाका
रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा शनिवार सुबह लगभग 6:30 बजे हुआ, जब सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम झारखंड से सटे ओडिशा के राउरकेला जिले के बोलंग थाना क्षेत्र के जंगल में नक्सल विरोधी सर्च अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक आईईडी विस्फोट हुआ, जिसमें ASI सत्यवान कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल राउरकेला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
शहीद ASI सत्यवान कुमार को दी गई श्रद्धांजलि
शहीद जवान सत्यवान कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी थे और सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन में तैनात थे। शनिवार को रांची के धुर्वा स्थित सीआरपीएफ 133 बटालियन मुख्यालय में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सीआरपीएफ के अधिकारी, जवान और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
झारखंड-ओडिशा सीमा पर बढ़ाई गई सतर्कता
इस घटना के बाद झारखंड और ओडिशा की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। खुफिया एजेंसियां भी नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
पहले भी हो चुके हैं IED ब्लास्ट
यह पहला मौका नहीं है जब नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट के जरिए सुरक्षाबलों को निशाना बनाया हो। इससे पहले 12 अप्रैल 2025 को झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के दौरान झारखंड जगुआर के कांस्टेबल सुनील धान शहीद हो गए थे। वह खूंटी जिले के रहने वाले थे। उन्हें भी रांची स्थित झारखंड जगुआर मुख्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष गंगवार और डीजीपी अनुराग गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी थी।
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