UP Politics: उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने उन 119 पंजीकृत, परंतु अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिन्होंने वर्ष 2019 से 2024 के बीच किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। यह कदम उस समय उठाया गया है जब हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग ने भी ऐसे राजनीतिक दलों की पहचान कर उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत की गई है। इसमें कहा गया है कि बीते छह वर्षों में एक भी निर्वाचन में भाग न लेने के कारण, भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा 20 जून 2025 को जारी निर्देशों के अनुपालन में यह नोटिस जारी किया गया है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी का बयान
इस विषय में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी चन्द्रशेखर के हस्ताक्षर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी 119 राजनीतिक दलों को उनके पंजीकृत पते पर रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से नोटिस भेजा गया है। इस नोटिस में उनसे यह पूछा गया है कि उन्होंने अब तक कोई चुनाव क्यों नहीं लड़ा, और इस पर उनका पक्ष क्या है।
14 जुलाई तक दे सकेंगे जवाब, 21 जुलाई को होगी सुनवाई
राज्य निर्वाचन आयोग ने इन दलों से आग्रह किया है कि वे अपना जवाब (प्रत्यावेदन) हलफनामे और प्रमाणिक दस्तावेजों के साथ 14 जुलाई 2025 तक प्रस्तुत करें। इसके बाद 21 जुलाई 2025 को इन पार्टियों की सुनवाई मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में होगी।
कार्रवाई न होने पर होगी मान्यता समाप्त
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई पार्टी निर्धारित समयावधि के भीतर प्रत्यावेदन प्रस्तुत नहीं करती है, तो यह मान लिया जाएगा कि पार्टी के पास कहने को कुछ नहीं है। इसके आधार पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की ओर से पार्टी को राजनीतिक दलों की सूची से हटाए जाने की संस्तुति सहित प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाएगा।
ये भी देखें: Prayagraj में पुलिस ने चन्द्रशेखर को कौशांबी जाने से रोका, तो क्या कह गए सांसद!


