Maharashtra News: महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि विपक्षी दलों के गठबंधन का आगे क्या स्वरूप होगा क्या महाविकास अघाड़ी (MVA) intact रहेगी, या INDIA गठबंधन ही प्राथमिकता बनकर उभरेगा?
उद्धव ठाकरे की INDIA गठबंधन पर जोर
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हाल ही में एक बयान देकर सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव से भी ज्यादा जरूरी है कि INDIA गठबंधन की बैठक जल्द से जल्द बुलाई जाए। उद्धव ठाकरे ने कहा, ”लोकसभा चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन की कोई बैठक नहीं हुई है। मैं चाहता हूं कि सभी दल जल्द एक साथ बैठें, क्योंकि बिहार, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में चुनाव आने वाले हैं।”
गौरतलब है कि कांग्रेस, सपा, आरजेडी, एनसीपी (एसपी), शिवसेना (यूबीटी), डीएमके समेत अन्य प्रमुख विपक्षी दलों ने लोकसभा चुनाव से पहले INDIA गठबंधन का गठन किया था। वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस का गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) के रूप में जाना जाता है, जिसने साथ मिलकर लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़े।
ठाकरे-राज गठजोड़ और गठबंधन पर संदेह
गठबंधन को लेकर संदेह तब और गहरा गया जब 5 जुलाई को लगभग 20 वर्षों के बाद ठाकरे ब्रदर्स, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर नजर आए। इस कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे आगामी चुनाव राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के साथ मिलकर लड़ेंगे।
इस मंच पर एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले भी उपस्थित थीं, लेकिन कांग्रेस ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी, जिससे गठबंधन में दरार की अटकलें और तेज हो गईं।
कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) की स्थिति
कांग्रेस ने हाल के बयानों में यह संकेत दिया है कि वह स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ सकती है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा था कि “INDIA गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए था, और MVA विधानसभा चुनाव के लिए। स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कोई औपचारिक गठबंधन नहीं बना था।”
इसके बीच एनसीपी (एसपी) ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह निकाय चुनाव में किसके साथ जाएगी। शरद पवार की पार्टी की चुप्पी ने राजनीतिक समीकरणों को और जटिल बना दिया है।
क्या होगा आगे?
महाराष्ट्र की राजनीति में निकाय चुनाव भले ही स्थानीय स्तर के हों, लेकिन इन चुनावों से राज्य की सियासी दिशा तय हो सकती है। अगर कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) अलग-अलग रास्तों पर चलते हैं या नए गठबंधन बनते हैं, तो यह आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी असर डालेगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि INDIA गठबंधन की बैठक कब होती है और उसमें महाराष्ट्र की स्थिति को लेकर क्या फैसला लिया जाता है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि कांग्रेस ठाकरे ब्रदर्स के साथ जाएगी या अपने रास्ते पर चलेगी।
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