Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 31 अगस्त को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के कई हिस्सों में हाल ही में हुई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही पर गहरी चिंता जताई और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की।
मानसून की तबाही पर पीएम मोदी की बात
पीएम मोदी ने कहा कि इस बार मानसून के दौरान कई राज्यों में भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से कई लोगों के घर उजड़ गए, खेत पानी में डूब गए, और सड़कें-पुल बह गए हैं। कई परिवारों को इस आपदा में अपनों को खोना पड़ा, जो बहुत दुखद है।
उन्होंने कहा, “हर पीड़ित का दर्द, हम सभी का दर्द है।” इस कठिन समय में NDRF, SDRF, सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य किए। इन जवानों ने दिन-रात मेहनत की और तकनीक की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला।
राहत कार्य में हेलीकॉप्टर और तकनीक की मदद
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री भेजी गई और घायलों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने इस आपदा के समय सहयोग देने वाले सेना के जवानों, स्थानीय नागरिकों, चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने मानवता की अद्भुत मिसाल पेश की।
जम्मू-कश्मीर की खास उपलब्धियों का जिक्र
प्राकृतिक आपदा के बीच पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर की दो खास उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि इन बातों पर शायद ज्यादा ध्यान नहीं गया, लेकिन ये पूरे देश के लिए गर्व की बात हैं।
- पहली उपलब्धि: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग जुटे।
- दूसरी उपलब्धि: उसी स्टेडियम में पुलवामा का पहला डे-नाइट (रात में) क्रिकेट मैच खेला गया।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले ऐसा सोचना भी मुश्किल था, लेकिन अब देश बदल रहा है, और जम्मू-कश्मीर के लोग भी आशा और तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
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