Chandra Grahan 2025: राजधानी के प्रतिष्ठित झंडेवाला मंदिर में आज रात लगने वाले चंद्रग्रहण को लेकर विशेष धार्मिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के प्रमुख पुजारी अंबिका जी ने जानकारी दी कि चंद्रग्रहण की शुरुआत रात 9:58 बजे होगी और इसका समापन रात 1:26 बजे तक होगा। इस अवधि में मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं होगी और श्रद्धालुओं से घर पर रहकर पूजा-पाठ करने का अनुरोध किया गया है।
चंद्रग्रहण: ज्योतिष और धार्मिक दृष्टिकोण
पुजारी अंबिकाजी के अनुसार, ज्योतिष शास्त्र में चंद्रग्रहण को चंद्रमा पर संकट की स्थिति माना गया है। इस समय राहु और केतु चंद्रमा को प्रभावित करते हैं, जिससे यह काल अशुभ और संवेदनशील माना जाता है। ऐसे समय में गायत्री मंत्र का जाप, हनुमान चालीसा का पाठ, और सुंदरकांड का पाठ करने की विशेष अनुशंसा की जाती है।
उन्होंने कहा, “भगवान हनुमान संकट मोचक माने जाते हैं। ग्रहण के समय उनके नाम का स्मरण करने से मानसिक शांति और सुरक्षा मिलती है।”
सूतक काल और उसके नियम
ग्रहण से पूर्व सूतक काल शुरू होता है, जो इस बार दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ हो गया। इस दौरान मंदिर के द्वार बंद कर दिए जाएंगे और श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
सूतक काल को लेकर पुजारी अंबिका जी ने बताया
- गर्भवती महिलाओं को सूतक और ग्रहण की छाया से बचना चाहिए।
- भोजन से परहेज करना चाहिए, हालांकि बीमार और दवा लेने वालों को छूट दी गई है।
- ग्रहण के दौरान, यानी रात 9:58 बजे से 1:26 बजे तक, कोई भी खाना-पीना न करे।
- घर की पानी की टंकी या पीने के पानी में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा भी निभाई जाती है।
मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन
मंदिर प्रशासन ने बताया कि दोपहर 12 बजे से विशेष आरती आयोजित की जाएगी, जिसमें केवल पंडितगण उपस्थित रहेंगे। भक्तों को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह निर्णय भक्तों की सुरक्षा और धार्मिक शुद्धता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
आस्था और श्रद्धा की कहानी भक्तों की जबानी
झंडेवाला मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाएं साझा कीं। पीतमपुरा से आए एक परिवार ने कहा कि उन्हें माता रानी से जीवन में सब कुछ मिला है, और वे उनका आभार प्रकट करने आए हैं।
वहीं एक 67 वर्षीय बुजुर्ग भक्त ने बताया कि वे पिछले 67 वर्षों से लगातार झंडेवाला मंदिर आ रहे हैं। इस बार वे आपदा, बाढ़ और संकटों से देशवासियों की रक्षा के लिए माता रानी से प्रार्थना करने आए हैं।
प्रशासन की अपील
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घर पर रहकर पूजा-पाठ करें, और सूतक एवं ग्रहण के नियमों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की आस्था और सतर्कता से न केवल धर्म का पालन होगा बल्कि सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
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