Nepal Balendra Shah: नेपाल में चल रहे बवाल और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद अब एक नया नाम खूब चर्चा में है – बालेन शाह, जिन्हें लोग प्यार से बालेंद्र शाह भी कहते हैं। नेपाल की युवा पीढ़ी अब चाहती है कि बालेन शाह ही देश की अगली बागडोर संभालें।
बालेन सिर्फ काठमांडू तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे नेपाल में युवाओं के रोल मॉडल बन चुके हैं। खास बात ये है कि वो किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े हैं, और फिर भी लोग उन्हें नेता मानने लगे हैं।
कौन हैं बालेन शाह?
- बालेन शाह काठमांडू के 15वें मेयर हैं।
- सिविल इंजीनियर हैं और साथ ही रैपर भी रहे हैं – यानी पढ़े-लिखे और कला से जुड़े शख्स हैं।
- साल 2022 में बिना किसी पार्टी के, यानी स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर मेयर का चुनाव जीता था।
- उनका कामकाज और प्रशासनिक सख्ती ने लोगों को काफी प्रभावित किया है।
कैसी हैं बालेन की छवि
बालेन शाह को लोग इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि वो ईमानदार हैं ।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर बोलते हैं
- और सबसे अहम – किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े
- वो सोशल मीडिया के जरिए लगातार जनता से जुड़े रहते हैं, खासकर युवाओं से
Gen-Z के आंदोलन को दिया समर्थन
हाल में नेपाल में जो Gen-Z (1997-2012 के बीच जन्मे युवा) के नेतृत्व में प्रदर्शन हुए, बालेन शाह ने खुलकर उनका समर्थन किया।
- उन्होंने कहा कि भले ही वो उम्र के कारण खुद प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, लेकिन उनका पूरा समर्थन युवाओं के साथ है।
- उन्होंने नेताओं से अपील की कि इस आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश न करें।
ओली सरकार से पुरानी तनातनी
- बालेन शाह और पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के बीच पुरानी खटपट है।
- जब बालेन ने काठमांडू मेट्रोपोलिटन सिटी में अवैध कामों पर सख्ती शुरू की, तो कई नेता भी इसकी जद में आए।
- ओली सरकार ने इसका विरोध किया, जिससे तनातनी और बढ़ी।
- बाद में मेट्रोपोलिटन के कर्मचारियों को महीनों सैलरी नहीं मिली, तो बालेन ने खुलकर उनका साथ दिया और सरकार को चेतावनी तक दे दी।
लोग क्यों मांग रहे हैं कि बालेन बने अगला नेता?
- ईमानदार हैं
- पार्टी से नहीं जुड़े
- काम करके दिखाया है, सिर्फ वादे नहीं किए
- युवाओं से सीधा जुड़ाव है
- सोशल मीडिया पर फॉलोइंग ज़बरदस्त
अब सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक पर बालेन शाह के समर्थन में हजारों पोस्ट डाली जा रही हैं। लोग उनसे नई पार्टी बनाने और देश को नई दिशा देने की गुहार लगा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: Uttarakhand News: केदारनाथ में ग्लेशियर से हल्का एवलांच, कोई नुकसान नहीं, अलर्ट मोड पर प्रशासन
ये भी देखें: Mayawati On Akash Anand: आकाश आनंद को नई कमान!, क्या अब बिहार चुनाव में मचेगा घमासान?


