Nepal Protest Update: नेपाल में बीते कुछ दिनों से हालात बेहद तनावपूर्ण थे। Gen Z के युवाओं द्वारा किए गए बड़े विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बाद अब देश में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती नजर आ रही है।
जैसे ही कर्फ्यू हटा, लोग बाजारों और दुकानों की तरफ दौड़े – कोई दूध लेने निकला तो कोई दवा लेने। पर सेना ने अब भी लोगों को घर के अंदर ही रहने की सख्त हिदायत दी है।
क्या हुआ था नेपाल में?
Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी का गुस्सा तब फूटा जब उन्हें लगा कि देश की राजनीति अब बदलाव के बिना नहीं चल सकती। इस गुस्से ने आंदोलन का रूप ले लिया, और फिर सरकारी दफ्तरों, नेताओं के घरों और राजनीतिक दलों के दफ्तरों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
इस हिंसा में अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से 25 की पहचान हो चुकी है। हालात इतने बिगड़े कि नेपाली सेना को मोर्चा संभालना पड़ा।
अब आगे क्या?
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि देश में अब एक नई शुरुआत होनी चाहिए। इसके लिए वे एक अंतरिम सरकार की मांग कर रहे हैं।
Gen Z की तरफ से कुछ साफ-सुथरी और ईमानदार छवि वाले लोगों के नाम सामने आए हैं:
- सुशीला कार्की – नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश
- बालेंद्र शाह – काठमांडू के मौजूदा मेयर
- कुलमन घीसिंग – नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व सीईओ
ओजस्वी ने क्या कहा?
Gen Z के युवा नेता ओजस्वी ने साफ कहा “हमें अब एक ऐसी अंतरिम सरकार चाहिए जो देश के लिए सोच सके। हमने सुशीला कार्की का नाम इसलिए रखा है क्योंकि हमें लगता है कि वह राष्ट्र निर्माण में हमारी मदद करेंगी। इसके साथ ही, हम मौजूदा संसद को भंग करने और देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भी मांग कर रहे हैं।”
राष्ट्रपति ने क्या कहा?
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने एक शांति की अपील जारी की है। उन्होंने कहा “मैं देश की इस कठिन घड़ी में संवैधानिक ढांचे के अंदर रहकर हर समाधान खोजने की कोशिश कर रहा हूं। देश में लोकतंत्र को बचाना और शांति-व्यवस्था बनाए रखना मेरी पहली प्राथमिकता है।”
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