Kanpur Case Update: कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। इस जघन्य घटना में एक पुलिस दरोगा की शामिल होने के आरोपों ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला
घटना 7 जनवरी 2026 (सोमवार) की देर रात की बताई जा रही है। पीड़िता, जो सचेंडी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है, रात करीब 10 बजे घर से बाहर निकली थी। आरोप है कि दो व्यक्तियों ने एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार में उसे जबरन बैठाकर झांसी रेलवे लाइन के पास एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने घर लौटकर परिजनों को पूरी घटना बताई और आरोप लगाया कि इसमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल था।
पीड़िता के भाई ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस ने शुरुआत में कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस ने पीड़िता के भाई को थाने से भगा दिया और मामले को जानबूझकर टाला। मंगलवार को जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा, तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन शुरुआती एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं और मामला महज छह लाइनों में दर्ज किया गया।
मुख्य आरोपी और पुलिस की भूमिका
जांच में मुख्य आरोपी के रूप में भीमसेन चौकी प्रभारी दरोगा अमित मौर्या और चंद्रहंसपुर निवासी यूट्यूबर शिवबरन यादव का नाम सामने आया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर काली स्कॉर्पियो (जो दरोगा अमित मौर्या की बताई जा रही है) में नाबालिग के साथ करीब दो घंटे तक हैवानियत की। पुलिस ने शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दरोगा अमित मौर्या घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीर लापरवाही उजागर होने पर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) विनोद कुमार सिंह ने स्वयं घटनास्थल, सचेंडी थाने और भीमसेन चौकी का निरीक्षण किया। जांच में अधिकारियों की लापरवाही साबित होने पर निम्नलिखित कार्रवाई की गई:
• एसीपी पनकी शिखर को लाइन हाजिर किया गया।
• भीमसेन चौकी प्रभारी दिनेश कुमार को निलंबित किया गया।
• सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
• डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि घटना को गंभीरता से न लेने और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में यह भी सामने आया कि एसीपी शिखर की सोशल मीडिया पर सक्रियता भी जांच के दायरे में है।
पीड़िता की सुरक्षा और आगे की जांच
मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद शुक्रवार को पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया गया, जिसमें उसने दोनों आरोपियों की क्रूरता का विस्तार से ब्यौरा दिया। बयान के बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया और अब उसके घर के बाहर 24 घंटे दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
पुलिस जांच के दौरान एक अन्य एंगल भी सामने आया है कि सचेंडी क्षेत्र में तेल चोरी और जुआ की फड़ों में कुछ पुलिसकर्मियों की संभावित मिलीभगत हो सकती है, जिसकी भी जांच की जा रही है।
शिवबरन यादव की मां का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह रोते हुए कह रही हैं कि उनका बेटा निर्दोष है और यदि दोषी साबित होता है तो उसे फांसी या गोली मार दी जाए, लेकिन निर्दोष को नहीं सताया जाए।
यह मामला न केवल समाज में आक्रोश पैदा कर रहा है, बल्कि पुलिस व्यवस्था पर भी गहरे सवाल उठा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें: Switzerland Bar Blast: नए साल के जश्न में मातम, स्विस बार विस्फोट में 47 की मौत
ये भी देखें: Mithun Chakraborty: मिथुन चक्रवर्ती का बड़ा बयान


