Meerut Case Update: मेरठ के कपसाड़ गांव में गुरुवार को एक बेहद दुखद घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यहां एक दलित परिवार पर कहर टूटा, मां की हत्या कर दी गई और बेटी को अगवा कर लिया गया। घटना के बाद से गांव और परिवार में तनाव का माहौल है।
भाई ने बताया कि उस दिन वह और उसकी बहन सुबह आठ बजे खेत जा रहे थे। तभी गांव का ही एक शख्स उनकी मां की हत्या कर बहन को अपने साथ ले गया। भाई ने कहा, “मुआवजा और नौकरी ठीक हैं, लेकिन हमारी प्राथमिकता मेरी बहन की सुरक्षा है। जब तक मेरी बहन वापस नहीं आती, हमें न्याय अधूरा लगेगा।”
क्या हुआ अब तक
• मृतका सुनीता का शुक्रवार देर रात भारी पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार किया गया।
• प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया।
• लड़की के अपहरण को 48 घंटे हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक उसे बरामद नहीं कर पाई है।
• पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है और गांव में भारी पुलिस बल व रैपिड एक्शन फोर्स तैनात है।
• शनिवार को नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचने वाला है। पहले बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान भी परिवार से मिलने आए थे।
गांव वाले कहते हैं कि मुख्य आरोपी भी वहीं का निवासी है, जिससे लोगों में गुस्सा और बढ़ गया है। समाजवादी पार्टी ने सरकार से सवाल किया कि दलित बेटी के अपहरण के मामले में अब तक कठोर कदम क्यों नहीं उठाए गए।
ग्रामीण बस एक ही मांग कर रहे हैं—”हमारी बेटी को वापस लाओ।”
विपक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस घटना ने राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ा दी है। विपक्षी दल योगी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। सपा नेताओं का कहना है कि “बेटी बचाओ” का नारा देने वाली सरकार में दलित बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी कई टीमें अलग-अलग जगह दबिश दे रही हैं और जल्दी ही लड़की को पकड़कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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