बुधवार को नए संसद भवन में सुरक्षा चूक के बाद विपक्ष ने सरकार पर लगातार हमले शुरू कर दिए हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि नए संसद का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है। कहा जा रहा है कि पुराने संसद भवन में मौजूद मजबूत सुरक्षा उपायों का अभाव था। इसके जवाब में भारत सरकार ने न सिर्फ अपनी कार्रवाई का बचाव किया है बल्कि एहतियाती कदम भी उठाए हैं।
घटना के मद्देनजर सरकार ने संसद परिसर के लिए आगंतुक पास जारी करना अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूर्ण नवीनीकरण लागू किया गया है। संसद सदस्य, कर्मचारी और मीडियाकर्मी अब अलग-अलग गेट से संसद भवन में प्रवेश करेंगे। आगंतुक, वापसी पर, प्रारंभ में नियोजित गेट से भिन्न गेट का उपयोग करेंगे।
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बॉडी स्कैनर से होगी जांच
आगे के परिवर्तनों में हवाई अड्डों पर पाए जाने वाले बॉडी स्कैनर की स्थापना शामिल है। इस तकनीक का उपयोग बेहतर सुरक्षा जांच के लिए किया जाएगा। इन उपायों को अपनाने का निर्णय संसद में हाल ही में हुई सुरक्षा चूक के बाद लिया गया है।
अगली सूचना तक आगंतुक पास जारी करना पूरी तरह से रोक दिया गया है। इसके अलावा, किसी भी सुरक्षा उल्लंघन को रोकने के लिए जिस गैलरी में आगंतुकों को बैठाया जाएगा उसे पूरी तरह कांच से ढक दिया जाएगा। भविष्य में सुरक्षा जांच के लिए हवाई अड्डों की तरह ही बॉडी स्कैनर संसद भवन के भीतर भी लगाए जाएंगे। इन उपायों का उद्देश्य सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना है, खासकर संसद की सुरक्षा में हालिया चूक के मद्देनजर रखते हुए।
सुरक्षा चूक बुधवार को हुई जब दर्शक दीर्घा में दो व्यक्ति अचानक उस क्षेत्र की ओर बढ़ गए जहां संसद सदस्य बैठे थे, जिससे हंगामा मच गया। पीले रंग का धुआँ छोड़ते हुए, लोग सभापति की सीट की ओर लपके। इसके साथ ही बाहर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे दो अन्य लोगों को पकड़ लिया गया। फिलहाल जांच चल रही है और गिरफ्तार किए गए लोगों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।


