Karanpur Assembly Results: कहते है विश्वास और घमंड में जरा सा फर्क होता हैं। हाँ मैं कर सकता हु ये मेरा विश्वास हैं, ये सिर्फ मैं ही कर सकता हु ये मेरा घमंड हैं। ऐसा कुछ बीजेपी के साथ हुआ हैं, वो शायद विश्वास और घंड के बीच का फर्क भूल गए है। राजस्थान के करणपुर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार रूपिंदर सिंह कुन्नर ने भाजपा उम्मीदवार और राज्य मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी पर 11,283 वोटों से जीत हासिल की। आपको बता दें कि भाजपा ने उपचुनाव से पहले ही टीटी को भजन लाल कैबिनेट में मंत्री नियुक्त किया था, जिससे चुनावी मुकाबले में उच्च दांव का तत्व जुड़ गया।
बता दें कि परिणाम से पहले ही टीटी को भजनलाल मंत्रिमंडल में मंत्री पद की जिम्मेदारी ले चुके थे, परन्तु इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस उम्मीदवार रूपिंदर सिंह कुन्नर बाधाओं को पलटने और विजयी होने में कामयाब रहे।
ये भी देखें : Mewaram Jain Video: Barmer के पूर्व Congress MLA मेवाराम जैन का Dirty Video Viral, महिला भी आई नजर
पिछले महीने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के आकस्मिक निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद उपचुनाव की घोषणा की गई और कांग्रेस ने गुरमीत सिंह कुन्नर के बेटे रूपिंदर सिंह कुन्नर को अपना उम्मीदवार बनाया।
सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने मंत्री पद की ली थी शपथ
चुनाव से ठीक दस दिन पहले 30 दिसंबर को सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने मंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय उन्हें भजनलाल सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने जयपुर के राजभवन में शपथ ली और पूरी निष्ठा के साथ अपना पद संभाला।
मंत्री बनने के बाद सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने अपनी जीत का भरोसा जताते हुए कहा था कि श्रीकरणपुर के मतदाता समझदार हैं और उन्हें चुनाव जीतने का पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पार्टी ने उनके माध्यम से सिख समुदाय का सम्मान और आदर किया है। उन्होंने भाजपा के समावेशी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी अपने समुदाय सहित सभी 36 समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है।
उपचुनाव में रूपिंदर सिंह कुन्नर की जीत क्षेत्र की राजनीतिक गतिशीलता में बदलाव को दर्शाती है और चुनावी परिणामों में स्थानीय भावनाओं के महत्व को रेखांकित करती है।


