10 March Ka Panchang : पंचांग मुख्य रूप से पांच प्रमुख तत्वों या “अंगों” से बना होता है, जो समय और खगोलीय घटनाओं के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
ये है पांच तत्व
तिथि (चंद्र दिवस): किसी दिए गए दिन चंद्रमा का विशिष्ट चरण।
नक्षत्र (तारा नक्षत्र): 27 नक्षत्रों में से किसी एक में चंद्रमा की स्थिति।
वर (सप्ताह का दिन): सप्ताह का दिन, जो रविवार (रविवार) से शुरू होता है।
योग (चंद्र-सौर काल): सूर्य और चंद्रमा की स्थिति का एक विशेष संयोजन, जो दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है।
करण (तिथि का आधा भाग): तिथि का दो भागों में विभाजन, जिसका उपयोग अधिक सटीक समय गणना के लिए किया जाता है।
ये भी देखें : सालों बाद Shahid-Kareena ने लगाया एक दूसरे को गले, दोनों को साथ देख याद आई Jab We Met
10 March Ka Panchang : सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय 06:36 ए एम
- सूर्यास्त 06:26 पी एम
- चन्द्रोदय 02:50 पी एम
- चन्द्रास्त 04:59 ए एम, मार्च 11
पंचांग
- तिथि एकादशी – 07:44 ए एम तक
- नक्षत्र पुष्य – 12:51 ए एम, मार्च 11 तक
- द्वादशी अश्लेशा
- योग शोभन – 01:57 पी एम तकⓘ
- करण विष्टि – 07:44 ए एम तकⓘ
- अतिगण्डⓘ बव – 07:55 पी एम तकⓘ
- वार सोमवारⓘ बालवⓘ
- पक्ष शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति सम्वत्सर
- विक्रम सम्वत 2081 पिङ्गलⓘ
- बृहस्पति सम्वत्सर पिङ्गल – 02:14 पी एम, अप्रैल 29, 2024 तकⓘ
- शक सम्वत 1946 क्रोधीⓘ कालयुक्तⓘ
- गुजराती सम्वत 2081 नलⓘ
- चन्द्रमास फाल्गुन – पूर्णिमान्तⓘ
- प्रविष्टे/गते 27ⓘ फाल्गुन – अमान्तⓘ
राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि कर्क नक्षत्र पद पुष्य – 12:19 पी एम तक
- सूर्य राशि कुम्भ पुष्य – 06:34 पी एम तक
- सूर्य नक्षत्र पूर्व भाद्रपद पुष्य – 12:51 ए एम, मार्च 11 तक
- सूर्य नक्षत्र पद पूर्व भाद्रपद अश्लेशा
ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु वसन्त दिनमान 11 घण्टे 50 मिनट्स 07 सेकण्ड्स
- वैदिक ऋतु शिशिर रात्रिमान 12 घण्टे 08 मिनट्स 45 सेकण्ड्स
- द्रिक अयन उत्तरायण मध्याह्न 12:31 पी एम
- वैदिक अयन उत्तरायण
10 March Ka Panchang : शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त 04:59 ए एम से 05:47 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 05:23 ए एम से 06:36 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 12:07 पी एम से 12:55 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:29 पी एम से 03:17 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 06:24 पी एम से 06:48 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या 06:26 पी एम से 07:39 पी एम
- अमृत काल 06:12 पी एम से 07:52 पी एम
- निशिता मुहूर्त 12:06 ए एम, मार्च 11 से 12:55 ए एम, मार्च 11
- सर्वार्थ सिद्धि योग 06:36 ए एम से 12:51 ए एम, मार्च 11
अशुभ समय
- राहुकाल 08:05 ए एम से 09:34 ए एम
- यमगण्ड 11:02 ए एम से 12:31 पी एम
- गुलिक काल 02:00 पी एम से 03:29 पी एम
- दुर्मुहूर्त 12:55 पी एम से 01:42 पी एम
- वर्ज्य 08:14 ए एम से 09:53 ए एम 03:17 पी एम से 04:04 पी एम
- गण्ड मूल 12:51 ए एम, मार्च 11 से 06:35 ए एम, मार्च 11
- भद्रा 06:36 ए एम से 07:44 ए एम
- बाण रोग – 06:44 पी एम से पूर्ण रात्रि तक
आनन्दादि एवं तमिल योग
- आनन्दादि योग धाता/प्रजापति – 12:51 ए एम, मार्च 11 तक
- तमिल योग सिद्ध – 12:51 ए एम, मार्च 11 तक
- सौम्य सिद्ध
- जीवनम पूर्ण जीवन𝟣 नेत्रम दो नेत्र𝟤
निवास और शूल
- होमाहुति शनि♄
- दिशा शूल पूर्व
- अग्निवास पाताल – 07:44 ए एम तकⓘ
- चन्द्र वास उत्तर
- पृथ्वी
- राहु वास उत्तर-पश्चिम
- भद्रावास मृत्यु – 07:44 ए एम तक
- कुम्भ चक्र पश्चिम
- शिववास क्रीड़ा में – 07:44 ए एम तक
- कैलाश पर


